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खुद पर लगे आरोपों पर पूर्व विधायक का पलटवार, कहा भाजपा के प्रतिनिधि फोटोबाजी, लूट-खसोट में व्यस्त

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बलिया की सियासत गरमाई हुई है। कारण है कि बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह के द्वारा पूर्व विधायक जय प्रकाश अंचल पर लगाए गए आरोप। इसका वीडियो भी वायरल हुआ जिलके बाद अब जयप्रकाश अंचल ने वर्तमान विधायक पर कई आरोप लगाकर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जिसका घर शीशा का हो उसे दुसरों के घर पर पत्थर नही फेंकना चाहिए।

पूर्व विधायक का तंज, फोटोबाजी में व्यस्त हैं भाजपा प्रतिनिधि– बैरिया के पूर्व विधायक जयप्रकाश अंचल ने लालगंज मीडिया सेंटर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों से बात करते हुए मौजूदा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केवल जुमलों की सरकार है। सपा के शासनकाल में कई काम हुए और अब बीजेपी के विधायक मंच से अपना श्रेय ले रहे हैं। भाजपा सरकार के प्रतिनिधि केवल भाषण बाजी व फोटो खिंचवाने में ब्यस्त है तभी तो सड़क के मरम्मत पर भी ये लोग शिलान्यास कर रहे है। बैरिया विधानसभा के जो काम बीजेपी खुद के खाते में गिना रही है। उसमें से 75 फीसदी हमारी सरकार की परियोजना है।

बोले, अधूरे काम ही सरकार की उपलब्धि- उन्होंने सपा के विकासकार्यों को बताते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश जी ने बैरिया विधान सभा क्षेत्र में शिवपुर घाट पर स्थाई पक्का पुल दिया। सोनबरसा अस्पताल के लिए 27.5 करोड़ रुपए पास किया जिसमें से अपने शासन काल मे ही 3.75 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिया था लेकिन अभी तक इसको पूरा नही करना भाजपा सरकार की यही उपलब्धि है। बैरिया को नगर पंचायत, अग्निशमन केंद्र,कन्या इंटर कालेज सोनबरसा, सोनबरसा में मंडी की स्थापना सहित दीघार में सब स्टेशन आदि कार्य कराया जिसका श्रेय बीजेपी के विधायक ले रहे है।

बोले, लूट-खसोट में लगे हैं बीजेपी के जनप्रतिनिधि- अंचल ने आरोप लगाया कि बीजेपी के जन प्रतिनिधि लूट खसोट में लगे हुए है चाहे वह दुबे छपरा में बंधे का पैसा हो या एन एच 31 के मरम्मत का पैसा हो। बीजेपी विधायक पर पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कोटेदार को पहले सस्पेंड कराना और तीन लाख रुपए लेकर उसे बहाल कराना इनका काम है। आरोप लगाया कि लालबालु वे दारू का धंधा वर्तमान विधायक के संरक्षण में हो रहा है। दुबे छपरा में खाने के नाम पर लंगर चलाकर भी लूट किया जा रहा है जिसमे जनप्रतिनिधि व अधिकारी मिले हुए है। यदि सेवा भाव ही रहता तो दुबे छपरा में लंगर चलता शेष जगहों पर भी लंगर चलता पर दुबे छपरा हाई लाइटेड जगह है वहाँ ज्यादा लूट हो जाती है इसलिए केवल वही लंगर चलता है वह भी सरकारी खर्च पर। अंत मे पूर्व विधायक ने वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि जिन जगहों से वसूली का आरोप विधायक ने बीड़ीओ में लगाया है उन सब जगहों से वे स्वयं पैसे की वसूली करते है। वायरल वीडियो में मुझे जातिवादी कहा गया है मैं जातिवादी नही हूँ मैं सबको साथ लेकर चलने वाला ब्यक्ति हु उल्टे दुर्जनपुर कांड को याद कराते हुए इशारा किया कि लोग समझ रहे है कौन कितना जातिवादी है। इस अवसर पर बैरिया विधान सभा के सपा अध्यक्ष राज प्रताप यादव,स्वामीनाथ,वीरेंद्र यादव,किसुन पासवान,अमित तिवारी,रवि यादव,अवधेश यादव सहित दर्जनों कार्यकर्ता साथ रहे।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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