बलिया स्पेशल
अंबिका चौधरी ने बसपा से दिया इस्तीफा, कहा, ‘अनुपयोगी महसूस कर रहा था’
सपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने बसपा से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने खुद को पार्टी में उपेक्षित और अनुपयोगी बताया है। 2017 विधानसभा चुनाव से ही वो बसपा में थे। 2017 विधानसभा चुनाव में फेफना विधानसभा से समाजवादी पार्टी का टिकट ना मिलने के बाद वह बसपा में शामिल हुए थे। वह बसपा से चुनाव भी लड़े मगर जीत नहीं सके।
क्या लिख कर दिया इस्तीफा? -अंबिका चौधरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके इस्तीफे की सूचना दी। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति में लिखा है, ‘विगत विधान सभा चुनाव के पूर्व जनवरी 2017 से मैं बहुजन समाज पार्टी में शामिल होने के पश्चात एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में पार्टी को अपनी सेवायें दे रहा हूँ। मुझको जब भी छोटा बड़ा कोई उत्तरदायित्व दिया गया उसका पूरी लगन से मैंने निर्वाह किया।’ प्रेस विज्ञप्ति में आगे बसपा सुप्रीमो मायावती का धन्यवाद करते हुए उन्होंने लिखा है ‘2019 में लोकसभा चुनाव के उपरान्त अज्ञात कारणों से पार्टी की किसी मीटिंग में मुझे छोटा बड़ा कोई उत्तरदायित्व भी नहीं सौंपा गया। इस स्थिति में मैं अपने को पार्टी में उपेक्षित और अनुपयोगी पा रहा हूँ।’
अपने बेटे के सपा से उम्मीदवार बनाए जाने का भी जिक्र- अंबिका चौधरी ने आगे जिक्र किया है कि उनके बेटे को सपा में शामिल किया गया है और जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार भी बनाया गया है। इस एवज में अपनी निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह ना लगे इसका जिक्र करते हुए अंबिका चौधरी ने लिखा है, ‘आज दिनांक 19 जून 2021 को मेरे पुत्र श्री आनन्द चौधरी को आसन्न जि पंचायत अध्यक्ष निर्वाचन में समाजवादी पार्टी द्वारा प्रत्याशी घोषित किया गया है। ऐसी स्थिति में मेरी निष्ठा पर कोई प्रश्नचिन्ह प्रस्तुत हो इसके पूर्व ही मैंने नैतिक कारणों से भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कु० मायावती जी को प्रेषित कर दिया है।’
उमाशंकर सिंह ने लगाया यह आरोप- वही अंबिका चौधरी के इस्तीफे के बाद रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने उन पर विश्वासघात का आरोप लगाया है। फिलहाल जिले की राजनीति में एक ही दिन में ये दो बड़ी घटनाएं चर्चा का केंद्र बनी हुई है। अंबिका चौधरी के पुत्र आनंद चौधरी का प्रत्याशी बनना और अंबिका चौधरी के द्वारा बसपा छोड़ दिए जाने की चर्चा हो रही है।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन
बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।
कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल
विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


