बलिया स्पेशल
वाह रे विकास- रात में बना, सुबह बह गया पीपा पुल का नाका !
बलिया- घाघरा नदी के खरीद-दरौली घाट पर पीपा पुल के क्षतिग्रस्त हुए नाका की मरम्मत शनिवार की रात को हुई और रविवार की ही सुबह एक बार फिर पानी की तेज धारा में पीपा पुल का दोनों नाका बह गया। इसके बाद पुल से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। विकल्प के रुप में यूपी-बिहार के लोग स्टीमर व नाव के सहारे आते-जाते रहे।
दो राज्यों को जोड़ने के लिये घाघरा नदी के खरीद-दरौली घाट पर हर साल पीपा पुल का निर्माण कराया जाता है। निर्धारित वक्त से काफी देर से पुल के तैयार होने के बाद लोगों को राहत मिली। खेती-बारी के साथ ही बाजार व नाते-रिस्तेदारियों में आने-जाने के लिये हर रोज हजारों लोग पीपा पुल के रास्ते नदी को पार करते हैं। बताया जाता है कि नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ाव होने से 25 अप्रैल को पुल का दक्षिणी नाका बह गया। इसके बाद पुल से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। पीडब्ल्यूडी की ओर से नाका बनाने का काम शुरु हुआ जिसके पैदल लोग यात्रा कर रहे थे। करीब 10 दिनों तक चला निर्माण कार्य शनिवार की रात पूरा हो सका।
रविवार की सुबह पीपा पुल को आवागमन को खोला गया, लेकिन तभी लगभग साढ़े 10 बजे पुल का दक्षिणी व उत्तरी दोनों नाका एक साथ बह गया। इसके बाद पुल से लोगों के साथ ही वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया। नदी पार करने के लिये लोग स्टीमर व नाव का सहारा लेने लगे।
लोगों का कहना है कि शादी-विवाह के इस मौसम में पुल का नाका बहने से दोनों तरफ के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि इलाके के खरीद, निपनियां, शेखपुर, बसारिखपुर, गोसाईपुर, लिलकर, सीसोटार, कठौड़ा आदि गांवों के लोगों की खेती-बारी नदी पार है। इसी प्रकार बिहार के सिवान जनपद के दरौली, केवटलिया, संठी, भगमनपुर आदि दर्जनों गांवों के लोग जरुरी सामान की खरीदारी स्थानीय बाजार से करते हैं।
घाघरा नदी के खरीद-दरौली घाट पर बनने वाला पीपा पुल दोनों ओर के दर्जनों गांवों के हजारों की आबादी के लिये बेहतर विकल्प है। नौकरी व व्यवसाय के साथ ही नाते-रिस्तेदारियों में आने-जाने वालों की भीड़ सुबह से देर रात तक लगी रहती है। ऐसे में नाका ध्वस्त होने के बाद लोगों की परेशानी बढ़नी लाजमी है।
बताया जाता है कि पीपा पुल से नि:शुल्क आने-जाने वाले लोगों को स्टीमर से नदी पार करने में पैसा खर्च करना पड़ रहा है। स्टीमर से नदी पार करने वाले एक व्यक्ति को 10 रुपये, साईिकल का 15 रुपया व मोटरसाईिकल के लिये 40 रुपये किराया देना पड़ रहा है। दूसरे विकल्प के रुप में बिल्थरारोड, तुर्तीपार व भागलपुर के रास्ते कुछ लोग आ-जा रहे है, लेकिन यह दूरी तकरीबन 60 किमी पड़ती है, जिस पर तेल का किराया व समय दोनों खर्च होता है।
वहीँ पीडब्ल्यूडी के जेई कमेश्वर प्रसाद का कहना है की नदी के जलस्तर में बढ़ाव के चलते खरीद-दरौली पीपा पुल का नाका ध्वस्त हुआ है। पिछले दिनों एक तरफ का नाका पानी में बह गया था, जिसे बनाया गया था। रविवार को दोनों नाका फिर से बह गया। मरम्मत कार्य चल रहा है, जल्द काम पूरा करने का प्रयास हो रहा है।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
बलिया। नारायणपुर स्थित बी.एन. इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का शानदार आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न आयामों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित कर सबको प्रभावित किया। उनकी सृजनशीलता और तकनीकी कौशल को देखकर अतिथि, अभिभावक व आगंतुक मंत्रमुग्ध रह गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के विख्यात एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह, अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य श्री बलविंदर सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, शोध क्षमता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देती हैं। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागी छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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फेफना खेल महोत्सव : कबड्डी फाइनल में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बेटियों का दमदार प्रदर्शन
बलिया, 3 दिसंबर 2025। फेफना खेल महोत्सव 2025 के तहत आज बालिका वर्ग की कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा। खिताबी जंग जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव और मर्चेंट इंटर कॉलेज, बलिया के बीच खेली गई।
कड़े संघर्ष से भरे इस मैच में जमुना राम मेमोरियल स्कूल की बालिकाओं ने शानदार कौशल, साहस और टीमवर्क का परिचय दिया। अंतिम मिनटों तक चले रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने उपविजेता का खिताब हासिल किया।

पूर्व खेल मंत्री ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व खेल मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी ने दोनों टीमों से भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को मेडल व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

विद्यालय परिवार में उत्सव जैसा माहौल
विद्यालय के प्रबंधक निदेशक इंजीनियर तुषार नंद ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन स्कूल के लिए गर्व की बात है।
प्रधानाचार्य अरविंद चौबे और क्रीड़ा शिक्षक सरदार मोहम्मद अफजल ने भी टीम की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


