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बलिया-गाजीपुर में बाढ़ का खतरा, सांसद वीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
बलिया। गंगा नदी का बढ़ता जल स्तर नदी किनारे रहने वालों की चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे में सांसद वीरेंद सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने बाढ़ प्रभावितों की समस्या से अवगत कराया। और बाढ़ के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री से मदद मांगी है। सांसद वीरेंद्र सिंह ने बलिया और गाजीपुर में नदी किनारे बसे लोगों के लिए व्यवस्था करने की अपील की है। सांसद वीरेंद्र सिंह ने पत्र में लिखा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के रहने की व्यवस्था, बाढ़ राहत कैंप की स्थापना की जाए। प्रभावित लोगों को खाने की व्यवस्था, बाढ़ ग्रस्त इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी चौकियां स्थापित की जाए।
साथ ही पशुओं के लिए भुसा चारे की व्यवस्था हो इसके अलावा बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली उपकरणों की व्यवस्थ की जाए, जिसमें जनरेटर अन्य प्रकाश के उपकरण शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों छोटे छोटे सेक्टरों में बाँट कर हर सेक्टर में एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया जाए जो उस इलाके में 24 घंटे की हेल्प लाइन की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि कोई भी समस्या आने पर तत्काल उस समस्या का समाधान किया जा सके।
साथ ही उन्होंने अनुरोध किया कि उपरोक्त कार्यों का त्वरित क्रियान्वन किया जाए। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के टीमों को दोनों जनपदों में ज्यादा संख्या में तैनात किया जाए ताकि कोई भी दुर्घटना होने से पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके और किसी भी अनहोनी और क्षति को रोका जा सके।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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