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बलिया : अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की मौत!

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बलिया में अलग- अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। तीन लोगों की जान हादसों में चली गई। तो वहीं एक अधेड़ में खुदकुशी कर ली। एक युवक का शव गिट्टी डिपो में पड़ा मिला। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरु कर दी है।

जानकारी के मुताबिक बलिया-बैरिया मार्ग स्थित दुबहड़ ढाले पर शुक्रवार रात लाल बालू से लदे ट्रक की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी से मृतक के शव व घायल हो बाहर निकलवाया। बता दें कि दुबहड़ निवासी अभिषेक सिंह उर्फ गांधी उम्र 32 और मनीष सिंह उम्र 20 साल दुबहड़ ढाले के किनारे खड़े होकर आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान ट्रक ने दोनों को टक्कर मार दी। हादसे में अभिषेक सिंह की मौत हो गई। मनीष घायल है। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया।

दूसरा हादसा चितबड़ागांव थाना क्षेत्र में हुआ। जहां करंट की चपेट में आने से ग्राम पंचायत सुजायत (पटसार) निवासी सत्येंद्र राजभर (30) पुत्र रामकेवल राजभर झुलस गए। परिजन उसे लेकर तत्काल बलिया जिला अस्पताल पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

तीसरे हादसे में ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। चितबड़ागांव-मोहम्मदाबाद मुख्य मार्ग पर स्थित कोल्ड स्टोरेज के उत्तरी तरफ रेलवे लाइन के पास वार्ड नंबर चार मालवीय नगर निवासी बब्बन सिंह (55 वर्ष) का शव मिला। बब्बन के पुत्र विनय ने पुलिस को बताया कि पापा की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। वह शुक्रवार को दिन में ही कहीं निकल गए थे। शनिवार सुबह रेलवे लाइन के पास उनका शव मिला।

बैरिया थाना क्षेत्र के मांझी घाट के निकट एनएच-31 के किनारे एक गिट्टी डिपो में शनिवार सुबह 35 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव मिला। मृतक की पत्नी ने पति की ट्रक से कुचलकर हत्या करने का आरोप कुछ लोगों पर लगाया है। जानकारी के मुताबिक जयप्रकाश सिंह पुत्र काशी सिंह निवासी चांददियर (लोहा टोला के डेरा) शुक्रवार को अपने घर से यह कहकर निकला था कि पैसे की व्यवस्था में जा रहे हैं। ससुराल में शादी है। शनिवार सुबह गिट्टी प्लांट में उसका खून से लथपथ शव मिला। मृतक की पत्नी दुर्गावती देवी ने आरोप लगाया कि पति की यहीं के कुछ लोगों ने ट्रक से कुचलकर हत्या कर दी है। उनके पास 20 हजार रुपये व मोबाइल भी गायब कर दिया है। एसएचओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि एक ट्रक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

ईधर हल्दी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर निवासी श्रीराम पटेल (45) पुत्र स्व. विंधेश्वरी पटेल का शव घर से 500 मीटर की दूरी पर बगीचे में पेड़ से साड़ी के सहारे लटकता मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरु कर दी है। प्रभारी थानाध्यक्ष राधेश्याम सरोज ने बताया कि मृतक के भाई बलराम पटेल ने तहरीर में कहा है कि श्रीराम शराब पीकर आए दिन घर में हंगामा करता था। शुक्रवार को भी वह शराब पीकर आया और घर में मारपीट की थी। इसके बाद किसी समय फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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