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बलिया- किसानों के काम की ख़बर, अब घर बैठे ले सकेंगे निशुल्क बोरिंग, ऑनलाइन हुई सारी प्रकिया
बलिया के किसानों के काम की ख़बर है। अब निशुल्क बोरिंग के लिए किसानों को अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटना पड़ेंगे, अब बोरिंग के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरु की गई है। इसके जरिए किसान निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण करेंगे और उन्हें नि:शुल्क बोरिंग उपलब्ध कराई जाएगी।वर्तमान में किसानों को निशुल्क बोरिंग के लिए तमाम दस्तावेज लेकर ब्लॉक या जिला कार्यालय जाना पड़ता था। कई दिनों तक अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी कई बार किसानों को बोरिंग की सुविधा नहीं मिल पाता थी। लेकिन अब किसानों की आय बढ़ाने को लेकर इस साल शासन ने निशुल्क बोरिंग योजना में बदलाव कर दिया है। इस साल शासन की ओर से किसी तरह का लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को यह सुविधा मिल सके।
बोरिंग के लिए कितनी राशि मिलेगी– इस योजना में अनुसूचित जाति-जनजाति के लाभार्थियों को बोरिंग पर अनुदान की अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये निर्धारित है। न्यूनतम जोत सीमा का प्रतिबंध तथा पंपसेट स्थापित करने की बाध्यता नहीं है। 10 हजार की सीमा के अंतर्गत बोरिंग से धनराशि शेष रहने पर रिफ्लेक्स वॉल्व, डिलिवरी पाइप, बेंड आदि सामग्री उपलब्ध कराने की अतिरिक्त सुविधा भी उपलब्ध है। पंपसेट स्थापित करने पर अधिकतम नौ हजार रुपये का अनुदान अनुमन्य है।
वहीं, सामान्य श्रेणी के लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए बोरिंग पर अनुदान की अधिकतम सीमा पांच हजार और सात हजार रुपये है। सामान्य लाभार्थियों के लिए जोत सीमा 0.2 हेक्टेयर निर्धारित है। सामान्य श्रेणी के कृषकों की बोरिंग पर पंपसेट स्थापित करना अनिवार्य नहीं है लेकिन पंपसेट क्रय कर स्थापित करने पर लघु कृषकों को अधिकतम 4500 और सीमांत किसानों को 6000 का अनुदान अनुमन्य है।
किसे मिल सकता है निशुल्क बोरिंग योजना का लाभ– बोरिंग के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति किसान होना चाहिए और उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। जिन किसानों के पास 0.2 हेक्टेयर भूमि होगी वह भी इस के लिए पात्र होंगे। कैसे करें एप्लाई– निशुल्क बोरिंग के लिए अब शासन ने योजना पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। किसान jjmup.org पोर्टल पर नि:शुल्क बोरिंग के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। किसान को आधार कार्ड, खेत का खसरा, खतौनी का विवरण, पैन नंबर, बैंक पासबुक की प्रति आदि विवरण देना होगा।
इसके बाद लघु सिंचाई विभाग इसकी पड़ताल कर रिपोर्ट लगाएंगे। इसके बाद संबंधित किसान के खाते में अनुदान की राशि मिल जाएगी। लघु सिंचाई विभाग के एई एसएस यादव ने बताया कि निशुल्क बोरिंग योजना अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। अब योजना का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार की ओर से योजना के लिए लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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