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किसानों का भारत बंद आज, आंदोलन को देखते हुए बलिया पुलिस अलर्ट

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आज संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर किसान आंदोलन के समर्थन में भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसको लेकर बलिया पुलिस अलर्ट पर है। हालांकि जिले में आंदोलन का खास असर नहीं दिख रहा है। लेकिन प्रशासन पूरी तरफ सतर्क है। रविवार को पुलिस ने कुछ इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला और लोगों से शांति की अपील की।पुलिस का कहना है कि आंदोलन के दौरान दुकानों या बाजारों को जबरिया बंद नहीं कराने दिया जाएगा। हालांकि लोग स्वेच्छा से दुकानें बंद रख सकते है। जिले में पहले से धारा 144 लागू है इसलिए लोगों को समूहों में न रहने की अपील की गई है। वहीं आंदोलन को लेकर बलिया का मिजाज काफी अलग है। बीते कुछ दिनों से किसान संगठन के लोग लगातार बैठक कर रहे हैं। उन्होंने व्यापारी, छात्र, अधिवक्ताओं से समर्थ की मांग की है। शहर के अग्रवाल धर्मशाला में रविवार को उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड मेडिकल रिप्रेंजेंटेटिव एसोसिएशन (यूपीएमएसआरए) के सदस्यों ने भारत बंद के समर्थन की घोषणा की।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के साथ खड़ी है। दवा प्रतिनिधियों पर भी आघात करते हुए 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिता में बदल चुकी है। रविवार को किसान मजदूर शोषित असहाय गरीब संघ की बैठक रखी गई। जिसमें 27 सितंबर को भारत बंद सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में विजय ओझा, देवानन्द सिंह, सुदामा प्रसाद, विजय शंकर, लल्लन राम, काशीनाथ प्रजापति, शिवनाथ शर्मा, तेज नारायण, शिव बहादुर यादव आदि रहे। अध्यक्षता पारसनाथ सिंह व संचालन रामप्रसाद ने किया।

भारत बंद के समर्थन में रविवार की शाम को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा निकाले जा रहे कैंडल मार्च को पुलिस ने रोक दिया। मोर्चा के कार्यकर्ता कैंडल मार्च के लिए स्टेशन पर जमा हुए। यहां से वे कैंडल मार्च निकाल रहे थे।तभी पुलिस ने जिले में धारा 144 लगे होने का हवाला देकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान हल्की झड़प भी हुई थी।बहलहाल बंद को लेकर अभी बलिया में माहौल शांत हैं लेकिन स्थिति को संभालने पुलिस पूरी तरह तैनात है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। चौक-चौराहों पर पुलिस सतर्कता बरत रही है।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!

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बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,

छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।

योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।

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