Connect with us

featured

EXCLUSIVE रिपोर्ट : बलिया में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में भेजा गया सैंपल, प्रशासन अलर्ट पर

Published

on

बलिया डेस्क: वैश्विक महामारी कोरोना की चपेट में आने से अब तक वंचित बलिया में पहली बार 24 घंटे के अंदर कुल 24  संदिग्धों के सैंपल भेजे गए है. इसमें छह के अंदर कुछ लक्षण दिखाई देने पर जहां उन्हें आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है. वहीं इनके संपर्क में आने वाले 18 संदिग्धों को क्वारांटन करने के साथ उनका भी सैंपल बीएचयू में भेजा गया है.

उधर जिन-जिन गांव से इनका सैंपल भेजा गया है उस गांव के लोग दहशतजदा है. उधर एकाएक इतने सारे मामले आ जाने से जिला प्रशासन भी चौकन्ना हो गए है. जबकि स्वास्थ्य महकमा भी मुस्तैद है. फिलहाल सबका सैंपल आने का इंतजार है. वैसे आपकी जानकरी के लिए बता दें कि अब तक जितने भी सैंपल की रिपोर्ट आई है सब नेगेटिव हैं.

दोस्त का पॉजीटिव निकलने के बाद एक ही परिवार के छह लोग क्वारंटाइन 

शहर कोतवाली क्षेत्र के आनंदनगर चांदमारी के पास से एक कोरोना संदिग्ध गुरुवार की शाम उठा लिया गया. उसके बारे में बताया जाता है कि दिल्ली में जिस दोस्त के साथ वह रहता था वह कोरोना पॉजीटिव निकला, जिला प्रशासन को इसकी जानकारी होते ही हरक्कत में आया और आखिरकार उसे आनंद नगर से ढूंढ निकाला गया.

इसके बाद उसका सैंपल लेने के साथ घर के सभी छह सदस्यों का सैंपल भी बीएचयू भेजा गया. साथ घर के सभी सदस्य को क्वारंटाइन कर दिया गया है. उधर इस बात से आनंदनगर कालोनी के लोग सिहर उठे हैं. आलम यह है कि शुक्रवार की सुबह छूट के समय भी कालानी में बाकी समय की तरह सन्नाटा पसरा रहा.

नोट लेने वाले बच्चों सहित का भेजा गया सैंपल
रसड़ा तहसील क्षेत्र कैथीवली गांव में एक छोटी सी अफ़वाहों  ने गांव के लोगों में कोरोना वायरस का दहशत पैदा कर दिया है. हुआ यूं कि हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई के बाद गरीबों के एक दर्जन  बच्चे  दोपहर के वक्त खेत में गेहूं की बालियां चुन रहे थे, तभी पड़ोसी गांव जाम कोतवाली क्षेत्र रसड़ा के एक राहगीर ने बच्चों पर दया दिखाते हुए 10 रुपए, 20 रुपये दिए.

इसबीच किसी ने अफवाह फैला दी कि उक्त व्यक्ति थूक लगाकर नोट दिया है ताकि कोरोना फैल जाए, इसके बाद आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने सभी 15 लोगों को क्वारांटन कर दिया. चूंकि बच्चे है इस लिए बच्चों के साथ ही उनके परिजनों तथा दोस्त मित्र सहित कुल 09 लोगों का सैंपल लिया गया.

चूंकि गांव में दहशत का माहौल है लिहाजा अब स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचकर सबका सैंपल लेकर बीएचयू भेज दिया है. इसके अलावा रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग जगहों से दो लोगों संदिग्ध अवस्था में जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है तथा सैंपल भेजा गया है. उधर इसके अलावा नगरा और हल्दी थाना क्षेत्र के भी अलग-अलग गांव से मामला प्रकाश में आया है.


अब तक सभी रिपोर्ट निगेटिव

गौरतलब हो कि अब तक भेजे गए कुल 48 रिपोर्ट में से 17 रिपोर्ट निगेटिव आया है. ऐसे में बाकी रिपोर्ट का इंतजार है. जनपदवासियों को उम्मीद है कि सभी रिपोर्ट निगेटिव ही आएंगे, लेकिन एक साथ 24 सैंपल भेजे जाने से जनपद में मानों थर्रा उठा है.

सीएमएस  बीपी सिंह ने बताया की जिला अस्पताल में पिछले 24 घंटे के अंदर छह लोगों को आईसोलेट करने के साथ 24 लोगों का सैंपल भेजा गया है. जनपद से पहली बार इतनी बड़ी संख्या में एक साथ सैंपल भेजा गया है. स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चौकन्ना है अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए.

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

राम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?

Published

on

बलिया। समाजवादी राजनीति में राम गोविंद चौधरी की पहचान और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की अपनी अहमियत रही है। अब उनके बेटे रंजीत चौधरी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। वह अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं, लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिल रहा है या फिर उनके अपने ही राजनीतिक खेमे के कुछ लोग उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के परिवार का पूरा ख्याल रखने की बात कही है। ऐसे में पार्टी के भीतर रंजीत चौधरी की भूमिका और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं स्वाभाविक हैं। अखिलेश यादव का यह आश्वासन राम गोविंद चौधरी के परिवार के प्रति पार्टी के रुख को दर्शाता है, लेकिन अब सवाल यह है कि इस भरोसे का जमीन पर कितना असर दिखाई देता है और रंजीत चौधरी को संगठन में किस तरह की भूमिका मिलती है।

राम गोविंद चौधरी की राजनीतिक विरासत केवल पारिवारिक पहचान तक सीमित नहीं है। इसमें उनका लंबा राजनीतिक संघर्ष समाजवादी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता और जनता के बीच बनाया गया आधार शामिल है। रंजीत चौधरी के सामने इस विरासत को आगे बढ़ाने के साथ अपनी अलग राजनीतिक पहचान स्थापित करने की चुनौती भी है।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि रंजीत चौधरी को लेकर कुछ लोग उन्हें अपेक्षित महत्व देने के बजाय उनकी भूमिका को सीमित करके पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया में उनकी राजनीतिक हैसियत और सक्रियता को किस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस तरह की चर्चाओं के पीछे किन लोगों की भूमिका है, इसे लेकर कोई ठोस तथ्य सामने आना जरूरी है।

राजनीतिक दलों में नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संगठन की भी होती है। यदि पार्टी नेतृत्व किसी वरिष्ठ नेता के परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा देता है, तो उस भरोसे को व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए। रंजीत चौधरी को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर देना और संगठन में उनकी भूमिका स्पष्ट करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

अब निगाहें समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर हैं। अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के परिवार का पूरा ख्याल रखने की बात कही है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रंजीत चौधरी को अपने पिता की राजनीतिक विरासत आगे बढ़ाने के लिए किस तरह का अवसर मिलता है। आखिरकार, विरासत को सम्मान देना केवल आश्वासन देने से नहीं, बल्कि योग्य अवसर और जिम्मेदारी देने से भी जुड़ा होता है।

Continue Reading

featured

बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?

Published

on

बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।

पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।

सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।

जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।

Continue Reading

featured

मेजर ध्यानचंद जयंती पर जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खेल सप्ताह का आगाज, कबड्डी में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

Published

on

चितबड़ागांव (बलिया)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में 29 अगस्त से खेल-कूद सप्ताह का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के तहत विद्यालय के चारों हाउस—रेड, ग्रीन, ब्लू और येलो—के बालक एवं बालिका वर्ग के बीच कबड्डी प्रतियोगिता कराई गई।

बालिका वर्ग में ग्रीन हाउस ने रेड हाउस को 12-10 के रोमांचक मुकाबले में हराया, जबकि येलो हाउस ने ब्लू हाउस को 20-15 से शिकस्त दी। बालिका वर्ग का खिताबी मुकाबला अगले दिन खेला जाएगा।

वहीं, बालक वर्ग में ब्लू हाउस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए येलो हाउस को 15-8 के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने जोश, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन अनुशासन, समर्पण और देशप्रेम की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल हार-जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण और टीम भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद भी बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा को निखरने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान इंचार्ज अरविंद चौबे, इंचार्ज नीतू मिश्रा और हैंडबॉल प्रशिक्षक मनोज कुमार पाण्डेय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!