Connect with us

featured

बलिया में 168 केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा,1 लाख 59 हजार से ज्यादा छात्र होंगे शामिल, STF भी सक्रिय

Published

on

बलिया। यूपी बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू हो रही है। बलिया में नकल माफियाओं पर लगाम कसने की शासन प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। बलिया में 10वीं और 12वीं के कुल 1 लाख 59 हजार 193 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसको लेकर विभाग ने 168 परीक्षा केन्द्र बनाए हैं। जिसमें चार राजकीय विद्यालय, 60 एडेड विद्यालय और 104 वित्त विहीन विद्यालयों को 7 जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया है। नकल रोकने के सख्त इंतजाम किये गये है।

168 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किये जायेंगे। परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी के लिए जिला विद्यायल निरीक्षक कार्यालय में कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। कन्ट्रोल रूम में एक डिप्टी कलेक्टर, एक प्रधानाचार्य और 20 आपरेटर भी मौजूद रहेंगे। यह कंट्रोल रूम राज्य कन्ट्रोल रूम लखनऊ से भी जुड़ा रहेगा। परीक्षा केन्द्रों की हर गतिविधियों को कंट्रोल रूम से लाइव देखा जा सकेगा। नकल पर पूरी तरह नकेल कसने की है तैयारी। अतिसंवेदनशील श्रेणी में बोर्ड परीक्षा

जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह ने बताया कि बलिया में बोर्ड परीक्षा अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। बोर्ड परीक्षा में पूरी तरह नकेल कसने की तैयारी है। हर केन्द्र पर दो व्यवस्थापक रहेंगे। सभी केन्द्र व्यवस्थापकों को परीक्षा की गाइड लाइन से अवगत करा दिया गया है। कंट्रोल रूम से परीक्षा केन्द्र की हर गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी। सचल दस्ता हर पारियों में परीक्षा का निरीक्षण करेगा। 5 हजार से अधिक कक्ष निरीक्षक तैनात किये रहेंगे। हर केन्द्रों पर 50 फीसदी बाहरी कक्ष निरीक्षक की तैनाती होगी। सभी 168 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया है। इसकी मॉनिटरिंग जिला विद्यालय निरीक्षक के कंट्रोल रूम से की जाएगी। यहां दो पारियों में आईडी से जुड़े ऑपरेटर तैनात रहेंगे।
अलग-अलग रहेगी व्यवस्था
​​​​​​​बोर्ड परीक्षा की कापियां और प्रश्नपत्र अलग-अलग विद्यालयों में रखने की व्यवस्था की गयी है। कापियों को शहर के राजकीय इण्टर कालेज में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जा रहा है। प्रश्नपत्र रखने की व्यवस्था राजकीय बालिका इण्टर कालेज में की गयी है। परीक्षा केन्द्रों पर भी प्रश्नपत्र रखने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पिछली बार प्रधानाचार्य कक्ष में भी डबल लाक के आलमारी में प्रश्नपत्र रखें गये थे, लेकिन इस बार अलग स्ट्रांग रूम बनाये गये है। उसमें डबल लाॅक की आलमारी में प्रश्नपत्र रखा जायेगा। प्रश्नपत्र स्टेटिक मजिस्ट्रेट व केन्द्र व्यवस्थापक व अतिरिक्त केन्द्र व्यवस्थापक के मौजूदगी में खोला जायेगा।

परीक्षा पर एसटीएफ की नजर
बलिया के परीक्षा केन्द्रों पर रहेगी एसटीएफ की नजर। पिछले बार की तरह परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की कोई घटना न घटे। इसके लिए परीक्षा के दौरान एसटीएफ भी सक्रिय मोड में रहेगी।

featured

Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

Published

on

26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

Continue Reading

featured

Published

on

Continue Reading

featured

UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

Published

on

बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!