उत्तर प्रदेश
राज्यसभा चुनाव में भाजपा का खेल बिगाड़ेंगे ओमप्रकाश राजभर!
भारतीय जनता पार्टी ने यूपी की 10 राज्यसभा सीटों में से 9 के लिए उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें से 8 की जीत तो तय है, लेकिन नौवें उम्मीदवार का सहयोगी दलों के सपोर्ट बगैर जीतना मुश्किल है। भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) उपचुनाव में नाम तय करने से पहले उससे राय नहीं लिए जाने से खफा है। उसके पास 4 विधायक हैं। अगर क्रॉस वोटिंग होती है तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बता दें कि 16 राज्यों की 58 राज्यसभा सीटों पर चुने गए मेंबर्स का कार्यकाल अप्रैल-मई में खत्म हो रहा है। 23 मार्च को राज्यसभा के लिए वोटिंग होगी।
उम्मीदवार तय करने में हमारी सलाह नहीं ली
– एसबीएसपी के नेता ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “हम अभी से यह कैसे बता सकते हैं कि राज्यसभा चुनाव में हम भाजपा को वोट देंगे या किसी दूसरी पार्टी को। इस पर हमने अभी आखिरी फैसला नहीं किया है।”
– “हम अभी भाजपा के साथ गठबंधन में हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या भाजपा ने राज्यसभा और गोरखपुर-फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने से पहले हमारी पार्टी से कोई सलाह ली थी?”
– “प्रत्याशी तय करना भाजपा का काम है, लेकिन एक शिष्टाचार के नाते उसे कम से कम एक बार पूछना ही चाहिए कि क्या कोई सहयोगी दल चुनाव प्रचार में उसके साथ आना चाहेगा। भाजपा के किसी भी नेता ने हमसे यह नहीं पूछा।”
‘गोरखपुर में हम 30 हजार वोट दिलवा सकते थे’
– राजभर ने कहा, “हम भाजपा संग गठबंधन में हैं और अगर वह गठबंधन धर्म नहीं निभाती है तो क्या हमें उसके साथ जाना चाहिए?”
– “हाल में हुए गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में एसबीएसपी भाजपा को कम से कम 30,000 वोट दिलवा सकती थी, लेकिन भाजपा की नजर में हमारी कोई उपयोगिता नहीं है।”
भाजपा को 9 वोट की व्यवस्था करनी है
– “यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी”योगी आदित्यनाथ ने कहा, “भाजपा ने एक उम्मीदवार अधिक उतारा है। 8 उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित होने के बाद हमारे पास 28 वोट बचेंगे। हमारे पास सबसे अधिक सरप्लस वोट हैं, ऐसे में एक्स्ट्रा उम्मीदवार उतारने में कोई खराबी नहीं है। अब देखना है कि 9 और वोट पाकर आंकड़े को 37 तक कैसे ले जाना है।”
क्या है भाजपा का गणित?
– यूपी में कुल 403 विधानसभा सीट हैं। भाजपा के पास सहयोगियों समेत 324 सीट हैं। राज्यसभा में एक उम्मीदवार भेजने के लिए 37 वोट चाहिए। 8 उम्मीदवारों के लिए 296 वोट जाने के बाद भाजपा के पास 28 वोट बचेंगे। उसे 9 वोट और मिले तो उसका नवां उम्मीदवार भी राज्यसभा पहुंच जाएगा।
कौन हैं भाजपा के यूपी से उम्मीदवार
– अरुण जेटली (वित्त मंत्री)
– डॉ. अशोक बाजपेयी
– विजयपाल सिंह तोमर
– सकलदीप राजभर
– कांता कर्दम
– डॉ. अनिल जैन
– जीवीएल नरसिम्हा राव
– हरनाथ सिंह यादव
– अनिल अग्रवाल
2002 में बनी थी एसबीएसपी
– एसबीएसपी की स्थापना 2002 में की गई। ओमप्रकाश राजभर पार्टी के मुखिया हैं। ओमप्रकाश पार्टी बनाने से पहले बहुजन समाज पार्टी में थे।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार
बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।
कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।
यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।
टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं
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कानपुर – 78%
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लखनऊ – 76%
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वाराणसी – 76%
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मुरादाबाद – 76%
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संतकबीरनगर – 76%
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मेरठ – 75%
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प्रयागराज – 75%
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गौतमबुद्ध नगर – 73%
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बलिया – 73%
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मिर्जापुर – 73%


