उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है. तमाम सियासी दल मैराथन स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं. संभावित दावेदार क्षेत्र और मतदाताओं के चक्कर काट रहे हैं. इन सब के बीच बलिया के बेलथरा रोड नगर पंचायत से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. बेलथरा रोड नगर पंचायत की मतदाता सूची में छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं. दावा है कि निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता ने BLO संग मिलकर वोटर्स लिस्ट में घालमेल कर दिया है.
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यानि सुभासपा. ओम प्रकाश राजभर की पार्टी है. बेलथरा रोड नगर पंचायत से अध्यक्ष पद के लिए सुभासपा के संभावित दावेदार मनीष कुमार जायसवाल हैं. मनीष कुमार जायसवाल ने क्षेत्र की मतदाता सूची पर बड़े सवालिया निशान खड़े किए हैं. एक ऑडियो क्लिप सामने लाते हुए उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता ने वोटर लिस्ट में फर्जी तरीके से हजारों की संख्या में नए नाम शामिल करवाए हैं. ऐसे नाम जो दिनेश कुमार गुप्ता के समर्थक हैं और निकाय चुनाव में उन्हें वोट देंगे.
मनीष कुमार जायसवाल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया है. उच्च न्यायालय के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल के. आर. सिंह ने इस बाबत राज्य निर्वाचन कमिश्नर, जिला चुनाव अधिकारी यानि बलिया के DM, उप चुनाव अधिकारी यानि बेलथरा रोड के SDM और बेलथरा रोड नगर पंचायत के BLO को एक आदेश भी जारी किया है. अदालत ने इन चारों अधिकारियों से मामले की जानकारी मांगी है. जिसके बाद आगे की कार्रवाई हो सके. कोर्ट ने ये आदेश 29 नवंबर को ही जारी किया था. हालांकि फिलहाल इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है.
क्या हैं आरोप ?
बेलथरा रोड नगर पंचायत की सीट है. यहां नगर पंचायत अध्यक्ष पद की सीट अनारक्षित है यानि सामान्य है. चुनाव की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले वोटर लिस्ट पर सवाल उठ गए. सुभासपा के मनीष कुमार जायसवाल ने आरोप लगाया है कि फर्जी तरीके से मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी की गई है. ये फर्जीवाड़ा निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता के दबाव में BLO ने किया है, ऐसा आरोप लगा है.
दावा है कि 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नगर पंचायत बेलथरा रोड में मतदाताओं की संख्या 16,198 थी. लेकिन अब मतदाताओं की संख्या 18,038 हो गई है. ऐसे में 1840 नए मतदाताओं के नाम लिस्ट में जोड़े गए हैं. जबकि नए मतदाताओं की संख्या करीब 2 हजार है. जो कि अलग से जोड़ी गई है. ऐसे में आरोप है कि 1840 वोट गलत तरीके से जोड़े गए हैं. ताकि चुनाव को प्रभावित किया जा सके.
आरोप लगाने वाले मनीष कुमार जायसवाल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो. ताकि चुनाव प्रभावित ना हो. हालांकि देखने वाली बात होगी कि क्या इस मामले को प्रशासन गंभीरता से लेता है? साथ ही अगर जांच होती है तो देखने वाली बात होगी इन आरोपों में कितना दम है और चुनाव पर इसका क्या कुछ प्रभाव पड़ता है?
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