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एक ऐसा बॉक्सर जिसने अधेड़ उम्र में वापसी की और इतिहास रच दिया, पढ़े दिलचस्प कहानी…
बॉक्सिंग रेसलिंग की दुनिया की एक ऐसी प्रतियोगिता है जिसके लोग दीवाने रहते हैं आपको बता दें कि 70-80 के दशक में बॉक्सिंग अपने चरम पर थी और इसमें एक से बढ़कर एक बॉक्सर थे जिनकी दुनिया दीवानी थी इनमे सबसे पहले तो नाम आता है मुहम्मद अली का आपको बता दें कि मुहम्मद अली एक ऐसे बॉक्सर थे जिनके सामने कोई भी टिक नहीं पाटा था और जो भी उनसे लड़ने के लिए रिंग में आता था तो वो मुहम्मद अली के कोप का शिकार हो जाता था मुहम्मद अली ने उस समय के सभी हिट बॉक्सर को हरा चुके थे.

इन्ही में से एक बॉक्सर था जार्ज फोरमैन जब मुहम्मद अली से इनका बॉक्सिंग मैच हुआ तो सबने ये समझा कि मुहम्मद अली इस बॉक्सर से जीत नहीं पायेंगे लेकिन हुआ उल्टा जार्ज को इस बॉक्सिंग मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा वो मुहम्मद अली के मुक्को को झेल न पाए और रिंग में धराशायी हो गए इस मैच के बाद जार्ज का बॉक्सिंग कैरियर गिर गया और उन्होंने बॉक्सिंग को अलविदा कह दिया.

फिर वक़्त बीता मुहम्मद अली उम्र दराज़ हो गए और उन्हें एक बीमारी हो गयी जिसके बाद उन्होंने भी बॉक्सिंग को अलविदा कह दिया लेकिन जार्ज जो कि उम्र में काफी बड़े हो चुके थे लेकिन वो बॉक्सिंग में फिर लौटना चाहते थे लेकिन उन्हें सभी मना करते थे क्योंकि उनकी बहुत ज्यादा थी और बॉक्सिंग में उस वक़्त नए-नए चेहरे उभर चुके थे लेकिन इसके बावजूद जार्ज बॉक्सिंग में लौटे.

इनके लौटने से उनके परीवार को उनकी बहुत चिंता हो रही थी क्योंकि उनकी उम्र हर जगह मुद्दा बनी हुई थी यहाँ तक कि अखबार में उनको लेकर एक लेख छपा जिसमे उनसे विनती की गयी कि वो अपनी उम्र का ख्याल करे लेकिन जोर्ज ना माने और रिंग में आ गए और उसके बाद तो उन्होंने रिंग में तांडव मचा दिया उन्होंने ना जाने कितने बॉक्सर को धुल चटाई और उन सबको गलत साबित कर दिया जो उनकी उम्र को बहुत ज्यादा बता रहे थे.

इसके बाद 1994 में एक हेविवेट चैम्पियन से उनकी फाइट हुई ये फाइट हेविवेट चैम्पियनशिप की थी मैच शुरू हुआ नया चैम्पियन जवान था और फुर्ती में भी बहुत तेज़ था उसने जार्ज के चेहरे पर मुक्का बरसाना शुरू कर दिया राउंड पर राउंड हो रहे थे जार्ज के चेहरे पर सुजन आ गयी थी लेकिन वो रिंग में गिर नहीं रहे थे चैम्पियन ने एक बार फिर मुक्का बरसाना शुरू किया अब तो सबको लगा कि जार्ज मैच हार जायेंगे लेकिन अगले राउंड में जार्ज ने जो किया सब दंग रह गए जोर्ज ने चैम्पियन के चेहरे को निशाना बनाना शुरू कर दिया और उसे बुरी तरह पीटा और वो रिंग में ऐसा गिरा कि दोबारा न उठ सका.

पूरे स्टेडियम में तहलका मच गया और जार्ज को लोगो ने कंधे पर उठा लिया इस मैच के जार्ज हेविवेट चैम्पियन बन गए और उन्होंने उन सब फलसफो को गलत साबित कर दिया जो उनके खिलाफ इस्तेमाल किये जा रहे थे उन्होंने बता दिया कि अगर इरादा मज़बूत हो तो कोई भी अड़चन आपको मंज़िल तक पहुँचने से नहीं रोक सकती.
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





