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बलिया में मंडलायुक्त ने की समीक्षा, सड़क सुरक्षा अभियान व निर्माण कार्यों की प्रगति पर विशेष जोर
बलिया: मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बुधवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, बाढ़ व कटान रोधी कार्य, भूसा क्रय, गो-आश्रय स्थल की व्यवस्था आदि की समीक्षा की। निर्देश दिया कि निर्माण से जुड़े कार्यों की रफ्तार तेज रखी जाए। इसमें लापरवाही हुई तो सम्बंधित की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई होगी। सम्भावित बाढ़ से खतरे से निपटने की समीक्षा के दौरान प्रोजेक्ट से सम्बंधित मैटेरियल की उपलब्धता के बारे में पूछा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में मैटेरियल उपलब्ध हैं और कार्य भी चल रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि अधिकारियों की अलग-अलग टीम बनाकर इसे दिखवा लिया जाए और उसी दिन रिपोर्ट दी जाए।
कटानरोधी कार्य की शुरुआत में ही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा, नवम्बर ने स्वीकृत प्रोजेक्ट का टेंडर अप्रैल में निकाला गया, यह आपत्तिजनक है। उन्होंने गुरुवार को मौके पर जाकर निरीक्षण करने की बात कही। कमिश्नर ने कहा कि तीन एंगल निर्धारित करके हर तीन दिन पर अद्यतन कार्य की फोटोग्राफ मुझे भेजा जाए। सीडीओ इसकी समीक्षा करें। सड़क सुरक्षा जागरूकता के प्रति चलाए जा रहे अभियान की भी समीक्षा की। कहा कि डिग्री कालेजों में इसके प्रचार पर ज्यादा से ज्यादा जोर रहे। सड़क पर भी चार पहिया में सीट बेल्ट व बाइक पर हेलमेट का प्रयोग सुनिश्चित कराया जाए।
सफाई की समीक्षा के दौरान ईओ दिनेश विश्वकर्मा ने बताया कि शहर में कुल 51 बड़े व मझोले नाले हैं। इसमें 45 नाले साफ हो चुके हैं। एक हप्ते में शेष नाले भी साफ हो जाएंगे। प्रभारी अधिकारी नगर निकाय/सीआरओ को निर्देश दिया कि प्रत्येक निकायों में सफाई की समीक्षा कर रिपोर्ट दें। प्लास्टिक पर रोकथाम को लेकर निर्देश दिया कि मैरेज हाल संचालकों व अन्य बड़े खाद्य पदार्थों की दुकानों पर यह सुनिश्चित कराया जाए कि प्लास्टिक के किसी सामान का प्रयोग न हो।
यूनिवर्सिटी में निर्माण की धीमी प्रगति पर फटकार- जननायक चंद्रशेखर यूनिवर्सिटी में 9 बिल्डिंग के निर्माण की समीक्षा में बेहद धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था के अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा, बरसात आने वाली है और इतना धीमा कार्य अत्यंत आपत्तिजनक है। पर्यवेक्षण अधिकारी को चेतावनी व प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत कराने का निर्देश सीडीओ को दिया।
अवैध स्टैंड हटाने के आदेश का तत्काल हओ अनुपालन- मंडलायुक्त ने कहा कि अवैध स्टैंड को हटाने के आदेश को गम्भीरता से लिया जाए। इसके लिए किसी मजिस्ट्रेट को नोडल अफसर बनाया जाए। सभी ईओ अपने निकाय क्षेत्र में कार्रवाई करते समय यह ध्यान दें कि इसके पीछे किसी गरीब व्यक्ति को परेशान नहीं करना है। अवैध परिवहन को रोकना, स्टैंड पर माफिया टाइप के लोगों का दबदबा रोकना इस आदेश का मूल उद्देश्य है। शहर से बाहर जो स्टैंड चिन्हित हैं, उन्हें विकसित कर ठीक ढंग से संचालन कराएं। वैध स्टैंड कितने है, कमिश्नर के इस सवाल पर कोई अधिकारी सही सटीक जवाब नहीं दे पाए। शहर में बेतरतीब पार्किंग पर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट से सवाल किया। बैठक में सीडीओ प्रवीण वर्मा, एडीएम राजेश सिंह, सभी एसडीएम, बीएसए एसएन सिंह,
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


