बलिया
बलिया की सड़कों पर दौड़ रहे जर्जर वाहन, 398 स्कूल वाहन मालिकों पर कार्यवाही की तैयारी
बलिया जिले में खस्ताहाल वाहन सड़कों पर दौड़ते रहते हैं, जो दुर्घटना का शिकार बनते हैं। खासकर स्कूल वाहनों की फिटनेस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही वजह है कि 398 प्राइवेट स्कूल बसें ऐसी हैं, जिन्होंने अब तक कोई फिटनेस नहीं कराया है।
इसमें अधिकांश की हालत काफी जर्जर है। अब ऐसी स्कूल बसों सख्ती करने की तैयारी है। अब ऐसे बस मालिकों पर एक पखवारे की मोहलत दी गई है। कहा गया है कि वह फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल कर लें, अगर ऐसा नहीं होता है तो बसों को सीज कर दिया जाएगा। उधर रोड टैक्स दिए बिना सड़कों पर फर्राटा भरने वाले कमर्शियल वाहनों पर भी कार्यवाही की जाने लगी है।
925 ऐसे बकायेदार हैं जिन पर 25 हजार ऊपर कामर्शियल बकाया है। इसमें ट्रक, जीप और बस शामिल हैं। इन सभी पर कुल मिलाकर 5.41 करोड़ की बकायेदारी है। जिसे 31 मार्च तक धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद रिकवरी सर्टीफिकेट जारी किया जाएगा। मुकदमा भी दर्ज करा दिया जाएगा।
एआरटीओ अरुण कुमार राय ने जानकारी देते हुए बताया कि 31 मार्च 2022 तक शत प्रतिशत कामर्शियल रोड टैक्स जमा करने के आदेश हुए हैं। इसके लिए शासन की ओर से 75 प्रतिशत छूट भी दिया जा रहा है। बकायेदार इस स्कीम का लाभ उठाकर बकाये के बोझ से मुक्त हो सकते हैं। धनराशि तो जमा करनी पड़ेगी, अन्यथा ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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