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बलिया रेलवे स्टेशन पर मात्र 10 रुपए में मिलेंगी डीलक्स सुविधाएं, जानिए क्या होगा बदलाव ?

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बलिया रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं में इजाफा होने वाला है। पूर्वोत्तर रेलवे में मॉडल रेलवे स्टेशन का दर्जा प्राप्त बलिया रेलवे स्टेशन को डीलक्स सुविधाएं मिलेंगी।स्टेशन के दूसरे सर्कुलेटिंग एरिया में जल्द ही डीलक्स सुविधाओं से युक्त शौचालय बनने जा रहा है। यात्रियों को महज 10 रुपए में एयर कंडीशन शौचालय में इंडियन और वेस्टर्न कमोड की सुविधा मिलेगी।2023 तक निर्माण का दावा- रेल महकमे को मानें तो डीलक्स शौचालय बनाने की जिम्मेदारी अखिल भारतीय निर्माण निगम को दी है। इसके एवज में रेलवे को सालाना 4.5 लाख रुपए का किराया मिलेगा। तय अनुबंध के अनुसार किराया में सालाना दस प्रतिशत का इजाफा होगा। इससे रेलवे की आय भी बढ़ेगी। शौचालय और स्नानागार बनाने वाली संस्था का रेलवे के साथ अगले 15 सालों के लिए अनुबंध है। मार्च 2023 तक संबंधित संस्था रेलवे परिसर में निर्माण पूरा करने का दावा कर रही है।

सिर्फ 10 रूपए में मिलेगी सुविधा– बलिया रेलवे स्टेशन पर बनने वाले डीलक्स शौचालय में इंडियन वेस्टर्न की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सर्दियों के दिनों में गर्म पानी के लिए गीजर और एयर कंडीशन की व्यवस्था रहेगी। इन सभी सुविधाओं के लिए यात्री को सिर्फ 10 रूपए खर्च करने होगे। सर्कुलेटिंग एरिया में VIP बिल्डिंग बनने से स्टेशन की सुंदरता में भी इजाफा होगा।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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