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बलिया – पंचायत चुनाव में उतरीं गांव की बेटियाँ , बोलीं- ‘जो घर संभाल रहीं हैं, वो गांव भी संभाल लेंगी’
बलिया : उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में महिलाएं पुरुषों के समान गौरवशाली सहभागिता निभा रही हैं इसीलिए चुनावों में भी महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार है। बहुत सी शिक्षित एवं जागरूक महिलाएं अपने आत्मविश्वास के चलते ही चुनाव लड़ कर चतुर्दिक विकास की जिम्मेदारी उठाने के लिए आगे आई है परंतु दूसरी तरफ आरक्षण होने के कारण बहुत सी आरक्षित सीटों पर मां या पत्नी या बहन को चुनाव लड़ाना कुछ लोगों के लिए मजबूरी बन गया है।
इसी कारण से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे फोटो में महिला प्रत्याशी के चेहरे के साथ बेटे, पति, भाई का चेहरा जरूर है और साथ ही उसमें महिला प्रत्याशी के नाम के नीचे यह भी लिखा है कि महिला प्रत्याशी किसकी पत्नी है। ग्रामीण क्षेत्र में महिला प्रत्याशियों का अपना फेसबुक पेज भी नहीं है और चुनाव का प्रचार परिवार के पुरुष सदस्य के फेसबुक पेज और व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से ही किया जा रहा है, यहां तक की वोट मांगने की मुख्य अपील भी पुरुष की तरफ से ही। लेकिन बलिया में इसके एक उल्ट मामला सामने आया है।
अमृता सिंह
बलिया के नरही थाना क्षेत्र के पिपरा कलां गांव की रहने वाले अमृता सिंह महिला सशक्तिकरण का एक ऐसा उदाहरण पेश कर रही है जो पुरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि कुछ दिन पहले पिपरा कलां गांव चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए थे । इसी बवाल में अमृता सिंह के पिता चंद्रभान सिंह घायल हुए थे। पिता के घायल होने के वजूद भी अमृता सिंह ने हार नहीं मानी और चुनावी मैदान में कूदते हुए बीडीसी पद के लिए पर्चा भरा दिया । हालांकि दबंगों ने इनको चुप कराने के लिए अपने स्तर से कोई प्रयास नहीं छोड़ा। परंतु बागी बलिया की इस बेटी ने बिल्कुल हार नहीं मानी। उल्लेखनीय है कि अमृता सिंह आजादी के बाद इस गांव की पहली बेटी हैं जिन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया। जो वास्तव में सराहनीय है। अमृता सिंह अपना प्रचार भी गांव की बेटियों के साथ मिलकर करती हैं साथ ही सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं और उसके जरिये भी प्रचार- प्रसार कर रही हैं।
चुनाव लड़ने का मकसद
अमृता सिंह बाकायदा घोषणापत्र के साथ चुनाव लड़ रहीं। वो वार्ड नंबर 6 से 10 तक के लिए चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने अपने घोषणापत्र में यहां की जनता से विकास के 16 बड़े वादे किए हैं। इनमें पानी, बिजली, पक्की सड़क, पक्की नाली, शिक्षा, महिला सुरक्षा, किसानों को कुशल वैज्ञानिकों द्वारा खाद मुहैया कराने और शराबबंदी कराने जैसे कई बड़े-बड़े वादे शामिल हैं।
बीडीसी का ही चुनाव लड़ने के सवाल पर अमृता सिंह ने बताया कि लोगों को लगता है कि एक बीडीसी क्या करा सकता है लेकिन ऐसा नहीं है एक बीडीसी सिर्फ अध्यक्ष चुनने के लिए नहीं होता, उसके भी कई अधिकार होते हैं। लेकिन इससे पहले किसी बीडीसी ने अपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया, इसलिए कोई उनके अधिकार के बारे कम लोग ही जानते हैं।
अमृता सिंह ने बताया कि गांव के विकास के लिए ग्रामीणों ने ही प्रेरित किया और अपने तैयार रोड मैप के बारे में बताया। अमृता सिंह के मुताबिक, वह अपनी ग्राम पंचायत की स्थिति को कैसे सुधारेगी और किस तरीके से इस गांव को विकास की ओर ले जाया जाएगा। महिलाओं को खुले में शौच से किस तरीके से मुक्ति मिलेगी बुजुर्ग एवं विधवाओं को पेंशन नहीं मिल पा रही है, जिसके लिए वह कार्य करेगी।
अमृता ने कहा कि बेटियां अपनी घर गृहस्थी की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहीं हैं। ऐसे महिलाएं गांव की जिम्मेदारी भी बखूबी संभाल सकती हैं। लेकिन उन्हें मौका दिया जाना चाहिए। अमृता का कहना है कि गांव का बीडीसी हो या प्रधान शिक्षित हो, जो गांव में विकास की योजनाएं लेकर आए।
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।



