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बलिया के अमीरचंद का निधन, CM योगी ने जताया शोक, ऐसा था सफर
बलिया से दुखद ख़बर सामने आई है। संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री अमीरचंद का निधन हो गया है। उनके निधन से प्रदेश में शोक की लहर छा गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक जताया। वहीं कवि कुमार विश्वास समेत राजनैतिक व कवि जगत के लोगों ने अमीरचंद के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्ति की हैं।
संस्कार भारती के अखिल भारतीय महामंत्री श्री अमीर चन्द जी का निधन दुःखद है।
लोक जीवन में राष्ट्रीय मूल्यों के बीजारोपण हेतु वे आजीवन समर्पित रहे।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल विचार परिवार को दुःख सहने की शक्ति दें।ॐ शांति
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 16, 2021
बलिया में हुआ जन्मः अमीरचंद का जाना संस्कार भारती, संघ के लिए बड़ी छति है। 1 अगस्त 1965 को बलिया जिले मुख्यालय से 5 किमी दूर ब्रह्माइन गांव में जन्मे अमीरचंद बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उनके पिता का नाम अवधकिशोर व माता का नाम गुलजरिया देवी था। वह सात संतानों में छटवें नंबर के थे।
धर्म व संस्कृति से रहा जुड़ाव– बचपन से ही उनकी रुचि धर्म व संस्कृति में रही। वह आरएसएस के विचारों से हमेशा प्रभावित रहते थे। इनके परिवार का मुख्य पेशा तो व्यापार था, पर अमीरचंद जी शुरू से ही धार्मिक व आध्यात्मिक अनुष्ठानों से जुड़े रहे। सुबह-शाम संघ की शाखा में उपस्थित रहना व उसके प्रचार-प्रसार के प्रति विशेष लगाव इनके अंदर हमेशा दिखाई देता था।
अमीरचंद जी के पिता अवधकिशोर 1971 में सपरिवार ब्रह्माइन गांव से हनुमानगंज में आकर बस गया और वहीं अपने व्यापार को बढाने में लग गए। 1985 में अमीरचंद जी के परिवार ने इनको कलकत्ता व्यापार करने के लिए भेज दिया। वहां जाने के बाद उनको संघ के कार्य व गतिविधियों की आंशिक जानकारी हो चुकी थी। उनका मन हमेशा व्यापार छोड़ राष्ट्र की सेवा में समर्पित होने के प्रति प्रेरित हो रहा था। उन्होंने ऐसा किया भी। उन्हें अपने जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रुप में काम करने की ठानी।
अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए उन्होंने प्रचारक के रुप में काम किया। बाद में वह संघ की विभिन्न जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री के पद तक पहुंचे और उसी सन्दर्भ में अरुणाचल प्रदेश में प्रवास के दौरान अपने शरीर का त्याग कर 16 अक्टूबर को शाम 7 बजे अचानक संसार को अलविदा कह गए। उनके जाने से शोक की लहर छा गई है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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