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बलिया- इन खेलों के खिलाडि़यों को मौका, इस दिन होगा ट्रायल
बलिया। यह खबर खेल जगत से जुड़ी है। हास्टल में रहकर खेल की तैयारी करने का सपना संजोए खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें एक बार फिर से हास्टल के लिए ट्रायल देने का मौका मिल रहा है। ट्रायल में सफल होने वाले खिलाड़ी विशेष प्रशिक्षकों द्वारा स्टेडियम में वर्ष भर प्रशिक्षित किए जाएंगे। उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं देकर उनकी प्रतिभा को निखारा जाएगा। साथ ही उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका भी मिलेगा।
उप क्रीड़ा अधिकारी अजय प्रताप साहू ने बताया है कि वर्ष 2022-23 में आवासीय क्रीड़ा छात्रावास में प्रवेश हेतु आयोजित किये गये केन्द्रिय प्रशिक्षण शिविरों के अंतिम चयन / ट्रायल्स उपरान्त प्राप्त मेरिट सूची के अनुसार खिलाड़ियों का प्रवेश हास्टल में किये जाने के बाद भी कुछ खेलों में रिक्त रह गये स्थानों के दृष्टिगत बालिका वर्ग में टेबल-टेनिस, बास्केटबाल एवं तीरंदाजी तथा बालक वर्ग में कबड्डी खेल के राज्य स्तरीय कम्बाइन्ड चयन / ट्रायल्स दिनांक 14 एवं 15 जुलाई, 2022 को के०डी०सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में प्रातः 07:00 बजे से किया जायेगा।
जिला स्तरीय बालिका वर्ग में टेबल-टेनिस, बास्केटबाल एवं तीरंदाजी तथा बालक वर्ग में कबड्डी खेल हेतु चयन/ट्रायल का आयोजन दिनांक 08 जुलाई, 2022 को वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम, बलिया में प्रातः10.00 बजे से किया जायेगा। दिनांक 01 अप्रैल, 2022 को 15 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी उपरोक्त चयन/ट्रायल में प्रतिभाग कर सकते हैं। जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ी दिनांक 12 जुलाई, 2022 को सुखदेव पहलवान स्टेडियम, आजमगढ़ में आयोजित मण्डलीय चयन/ट्रायल्स में प्रतिभाग करेंगे।
चयन / ट्रायल्स में भाग लेने के इच्छुक बालक / बालिका निर्धारित तिथियों में चयन/ट्रायल्स प्रारम्भ होने से पूर्व अपना आवेदन पत्र उपरोक्त समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर जिला खेल कार्यालय, स्पोर्ट्स स्टेडियम बलिया में जमा करके चयन/ट्रायल्स में भाग ले सकते हैं। आवासीय क्रीड़ा छात्रावास खेल निदेशालय उ०प्र० द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है । इसके अन्तर्गत प्रदेश स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में प्रवेश देकर विभिन्न खेलो मे नियमित रूप से खेलों के विशेष प्रशिक्षण के साथ ही पढ़ाई, आवास, भोजन, चिकित्सा आदि की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाती है।
जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश के विभिन्न खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओ में सराहनीय प्रदर्शन करते रहे हैं। आवासीय क्रीड़ा छात्रावास में प्रवेश हेतु चयन / ट्रायल्स से सम्बन्धित अधिक जानकारी हेतु जिला खेल कार्यालय, बलिया में किसी भी कार्य दिवस में सम्पर्क किया जा सकता है।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





