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Breaking – बलिया में दो महीने तक के लिये धारा 144 लागू
बलिया। विधानसभा सामान्य निर्वाचन- 2022 एवं 23 जनवरी को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटेट), 2021 तथा आगामी त्यौहार यथा महाशिवरात्रि/होली को दृष्टिगत रखते हुए जनपद बलिया की सीमा के भीतर निवास करने वाले तथा आने जाने वाले समस्त व्यक्तियों के लिए 20 जनवरी से आगामी दो माह तक की अवधि के लिए धारा-144 लागू किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट इन्द्र विक्रम सिंह ने बताया है कि कोई भी व्यक्ति प्रत्याशी राजनैतिक दल आदर्श चुनाव आचार संहिता की शर्तों का उल्लंघन नहीं करेगा और बिना अनुमति के रैली, जनसभा, नुक्कड़ तथा जुलूस आदि का आयोजन नहीं करेगा।
किसी भी प्रत्याशी/राजनैतिक दल द्वारा चुनाव प्रचार हेतु कोविड-19 के संबंध में मा0 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का अमर्यादित व्यवहार तथा उनके कार्यों में व्यवधान उत्पन्न नहीं किया जाएगा। रात्रि 08 बजे से प्रातः 08 बजे के बीच कोई भी रैली, जनसभा नहीं की जाएगी। नुक्कड़ तथा किसी भी सार्वजनिक सड़क अथवा गोल चक्कर या सार्वजनिक गली या रोड के किनारे नहीं की जाएगी। प्रत्याशी सहित पांच व्यक्तियों से ज्यादा सुरक्षा गार्ड को छोड़कर व्यक्ति डोर टू डोर चुनाव प्रचार नहीं करेगे।
कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के किसी भी वाहन से चुनाव प्रचार नहीं करेगा। चुनाव प्रचार के लिए काफिले में पांच से अधिक वाहन नहीं होंगे, सुरक्षा वाहन को छोड़कर। चुनाव प्रचार के काफिले में पांच वाहन से ज्यादा होने पर प्रत्येक पांच वाहन के काफिले के बीच की दूरी आधा किलो मीटर से कम नहीं होगी। दो पहिया चुनाव प्रचार वाहन पर दो फीट गुणे एक फीट के एक झंडे से ज्यादा झंडे लगाने की अनुमति नहीं होगी। चार पहिया चुनाव प्रचार वाहन पर 3 फीट गुणे दो फीट के एक झंडे से ज्यादा झंडे लगाने की अनुमति नहीं होगीI चुनाव प्रचार हेतु प्रयोग किए जाने वाले झंडे के डंडे की लंबाई 3 फीट से ज्यादा नहीं होगी। किसी भी राजनैतिक दल द्वारा बिना अनुमति के कोई भी रोड शो नहीं किया जाएगा। रोड शो बड़े अस्पताल ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक के पास तथा भीड़ वाले मार्केट पर पिक अवधि में नहीं किया जाएगा। किसी भी दशा में रोड शो के दौरान आधे से ज्यादा सड़क को घेरा अथवा बाधित नहीं किया जाएगा।
रोड शो में पटाखों तथा किसी भी प्रकार के शस्त्रों को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। रोड शो के दौरान 6 फीट गुणे 4 फीट से ज्यादा बड़ा बैनर का प्रयोग नहीं किया जाएगा। विशेषतया रोड शो के दौरान स्कूल बच्चों को स्कूली ड्रेस पहनकर भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। नामांकन के दौरान प्रत्याशी द्वारा रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय की 100 मीटर की परिधि में दो से ज्यादा वाहन प्रवेश नहीं करेंगे। चुनाव के दौरान किसी भी प्रचार वाहन, जुलूस, चुनावी मीटिंग, चुनावी सभा इत्यादि बिना अनुमति के लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया जाएगा। किसी भी चुनाव प्रचार वाहन में बैनर लगाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र के 200 गज की परिधि में परीक्षा से संबंधित लोगों को छोड़कर अन्य किसी भी व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड विधान की धारा-188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।


