बलिया
बड़ी खबरः बलिया पेपर लीक मामले में पत्रकारों को मिली जमानत, हटाई गई गंभीर धाराएं
बलिया से बड़ी खबर है। पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुए तीनों पत्रकारों को जमानत मिल गई है। तीनों पत्रकारों के ऊपर से गंभीर धाराओं को भी हटा दिया गया है। माना जा रहा है कि सोमवार देर शाम तक तीनों पत्रकारों को जेल से रिहा किया जा सकता है।
बता दें कि बलिया पेपर लीक मामले में खबर छापने के बाद पत्रकार दिग्विजय सिंह, मनोज गुप्ता और अजित ओझा को गिरफ्तार किया गया था। पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद बलिया समेत पूरे उत्तरप्रदेश में प्रदर्शन हुए। फर्जी तरीके से गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा की ओर से क्रमिक अनशन किया जा रहा था। साथ ही संगठन के द्वारा पत्रकारों की रिहाई न होने पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी।
पत्रकार संगठन लगातार बलिया के डीएम और एसपी पर तानाशाही के आरोप लगा रहे थे। इसके साथ ही आम लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही थी। इसी बीच निर्दोषों की रिहाई को लेकर लगातार समाज के हरवर्ग द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा था। बीते दिनों कुंवर सिंह महाविद्यालय के छात्रनेता आशीष मिश्रा के नेतृत्व में तमाम छात्रों ने एकजुट होकर पुतला भी फूंका था। उनका साफतौर पर कहना था कि अगर जल्द से जल्द पत्रकारों की रिहाई नहीं होती है तो यह प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेंगे। वहीं राजनैतिक पार्टियां भी पत्रकारों को समर्थन देती नजर आई। सपा के कई नेताओं ने प्रदर्शन स्थल पहुंचकर पत्रकारों को अपना समर्थन दिया था।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured2 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


