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Whatsapp के माध्यम से बलिया में बढ़ी साइबर ठगी, पुलिस ने किया आगाह !

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बलिया डेस्क:  आजकल व्हाट्सएप और मैसेन्जर के जरिये साइबर अपराध को अन्जाम दिया जा रहा है । साइबर अपराधी में लड़का नही बल्की एक लड़की आपको ठगी का शिकार बनाएगी । आपको किसी अनजान लड़की द्वारा फेसबुक पर आपको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा जायेगा या मैसेंजर पर हाय का मेसेज आयेगा, जो दिखने मे बहुत ही सुन्दर होगी ।

फिर आप द्वारा फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार कर उससे मैसेंजर के जरिये वार्ता की जायेगी । धीरे-धीरे आप उस लड़की के तरफ खिचते चले जायेंगे और आपका व्हाट्सएप नंबर का आदान-प्रदान होगा । फिर आप द्वारा व्हाट्सएप पर वीडियो कॉलींग पर अश्लील बाते होंगी । फिर वीडियो कॉलिंग मे लड़की न्यूड हो जायेगी और आपको भी न्यूड होने को बोलेगी । फिर आप भी न्यूड हो जाते है और उस लड़की द्वारा आपके हरकत को व्हाट्सएप स्क्रीन वीडियो रिकार्डिंग व स्क्रीनशॉट फोटो ले लिया जायेगा जिसकी जानकारी आपको नही रहेगी ।

अब रिकार्डेड न्यूड फोटोज/वीडियो दोस्तों में वायरल करने की धमकी दी जायेगी जिसकी एक प्रति सबसे पहले आपको भेजेगी । इसके बाद लड़की और अन्य साइबर अपराधियों के एक समूह द्वारा आपको धमकाना शुरू किया जायेगा और पैसे की मांग की जायेगी । उनकी मांग पूरी न करने पर आपका न्यूड फोटोज/ वीडियो दोस्तों में वायरल करने की धमकी दी जायेगी । अब अपनी प्रतिष्ठा को बचाने के लिए उनके बताये गये खाते मे रकम को भेजा जाता है, उसके द्वारा फिर आपको धमकी भरे कॉल आयेगे और पैसे की मांग की जायेगी ।

अब आपके पैसे न देने पर फिर दूसरे नंबर से कॉल आयेगा और यूट्यूब का अधिकारी बनकर बात करेगा और आपको कहा जायेगा कि आपकी एक अश्लील वीडियो यूट्यूब पर पड़ा है जिसको हटाने के आपसे पैसे की मांग की जायेगी । फिर आपके पैसे न देने पर पुनः एक अलग नंबर से कॉल आयेगा और बताया जायेगा “मै साइबर क्राइम सेल से बोल रहा हूँ आपके खिलाफ एक लड़की द्वारा शिकायत दर्ज की गयी और फिर आपको धमका कर आपसे पैसे की मांग की जायेगी “हम आपको बता दे कि साइबर क्राइम सेल द्वारा आपसे किसी प्रकार की कोई रकम की मांग नही की जाती ।”

सावधानियां-
1- कभी भी अपरचित व्यक्ति का फ्रेंड रिक्वेस्ट फेशबूक पर एक्सेप्ट न करें ।
2- किसी अंजान व्यक्ति द्वारा मैसेंजर पर किया गया मैसेज को अनदेखा करें ।
3- अगर आपके मैसेंजर पर आपके मित्र द्वारा पैसे की मांग की जाती है तो सबसे पहले आप अपने मित्र से दूरभाष या किसी अन्य माध्यम से सम्पर्क कर वार्ता कर संतुष्ठ हो ले, आवश्यकता होने पर लेन-देन करें ।
4– हमेशा व्हाट्सएप अकाउंट पर टू- फैक्टर ऑथेंटिकेशन (two-factor authentication) या टू स्टेप वैरिफिकेशन को इनेबल (Enable) रखे । ऐसा करने से आपका व्हाट्सएप कभी हैक नही किया जा सकता।

कैसे करेः-
स्टेप- 1- पहले अपना व्हाट्सएप खोले
स्टेप -2- सेटिंग मे जाये
स्टेप- 3- अकाउंट मे जाये
स्टेप- 4- टू स्टेप वैरिफिकेशन में जाये
स्टेप- 5- इनेबल करें
स्टेप- 6- 6 अंको का गोपनीय पिन डाले और नेक्स्ट करें ।
स्टेप- 7- अपनी ई-मेल आई.डी डाले और नेक्स्ट करे
हो गया आपका टू स्टेप वैरिफिकेशन इनेबल ।
सुझावः-
फ्रॉड कॉल, लॉटरी, OLX पर खरीदारी, या किसी अन्य प्रकार से साइबर ठगी में रकम भेंजने से पहले साइबर सेल से जानकारी लेकर ही लेन-देन करें ।

साइबर अपराधों की जानकारी ही, साइबर अपराध से बचाव है ।
स्वयं जागरूक हो और दूसरों को भी जागरूक करें ।

 

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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