Connect with us

बलिया

बलिया- चितबड़ागांव से जुड़ेगा बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र, 40 गांव को मिलेगी बिजली

Published

on

बलिया के सोहांव ब्लॉक में अब बिजली आपूर्ति की समस्या खत्म होने वाली है। क्योंकि बसंतपुर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र को चितबड़ागांव स्थित 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र से जोड़ा जा रहा है। अब इस उपकेंद्र को आपूर्ति चितबड़ागांव से दी जाएगी। क्योंकि बसंतपुर उपकेंद्र को गाजीपुर के कुंडेसर स्थित 132 केवीए उपकेंद्र से हो रही थी। ऐसे में लंबी दूरी के कारण एक ओर जहां लाइन लॉस की समस्या थी। वहीं, मेन लाइन में फॉल्ट होने से उसे दुरुस्त करने में भी परेशानी हो रही थी। अब इस बदलाव से 40 से अधिक गांवों को विद्युत की आपूर्ति सुचारू रूप से मिलेगी।

गौरतलब है कि पिछले कई महीने से सोहांव ब्लॉक का गड़हांचल इलाका बिजली की किल्लत का दंश झेल रहा है। क्षेत्र में स्थित दो विद्युत उपकेंद्र कोटवां नारायनपुर और बसंतपुर को गाजीपुर के कुंडेसर स्थित 132 केवीए उपकेंद्र से आपूर्ति होती है। बताया जाता है कि दशकों पहले के लगे एचटी तार जर्जर हो चुके हैं और आए दिन टूटकर गिरते हैँ जिससे दोनों उपकेंद्रों से जुड़े 70 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित होती है। लेकिन अब इस लाइन को बदलने की कवायद शुरु हो गई

3 दशक पहले बना बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र- बताया जाता है कि गड़हांचल में बिजली की किल्लत को दूर करने के लिए तीन दशक पहले वर्ष 1992 में कोपाचीट के तत्कालीन विधायक के प्रयास से बसंतपुर में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण हुआ। इसके बाद नजदीकी 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र कुंडेसर से इस उपकेंद्र को जोड़ा गया। इसके पूर्व कोटवां नारायनपुर विद्युत केंद्र से ही पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति होती थी।

अधिशासी अभियंता एके अग्रवाल का कहना है कि चितबड़ागांव पावर हाउस से बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र को जोड़ा जाएगा।इसकी कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है। कुंडेसर की लाइन खेतों से होकर गुजरी है। खासकर बरसात और बाढ़ आने पर एचटी लाइन में खराबी आने पर दुरुस्त करना संभव नहीं हो पाता है। इसके चलते, कई दिनों तक आपूर्ति बाधित हो जाया करती है। अब चितबड़ागांव से जुड़ जाने पर लाइन नई होने के कारण निर्बाध आपूर्ति मिलेगी। लाइन लॉस में भी कमी आएगी और मॉनीटरिंग भी आसान होगी।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बलिया

Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े

Published

on

This content is password protected. To view it please enter your password below:

Continue Reading

बलिया

Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े

Published

on

This content is password protected. To view it please enter your password below:

Continue Reading

featured

फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

Published

on

बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!