बलिया
बलिया का अफसर बेटाः IAS बनकर पहली बार जनपद पहुंचे अतुल, स्वागत में उमड़ी भीड़
बलियाः यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर आईएएस बने अतुल मौर्य बलिया पहुंचे। उनके जनपद पहुंचते ही लोगों का हुजूम उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़ा। जनपद आए अफसर बेटे को लोगों ने फूल-मालाओं से लाद दिया। कई लोग अतुल के साथ फोटो खिंचाने बेताब दिखे। अतुल का गर्मजोशी से स्वागत कर कई जगह सम्मान भी किया गया।
इस दौरान आईएएस अतुल के स्वागत के लिए जिला पंचायत के पूर्व सदस्य मनोज कुशवाहा, कुशवाहा सभा के जिलाध्यक्ष विनायक मौर्य, पूर्व ब्लाक प्रमुख बड़ेलाल मौर्य, डॉ सुधांशु शेखर, टीडी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुधीर मौर्य, छात्र नेता वेदप्रकाश सहित सैकड़ों लोग पहुंचे।
साथ ही रेलवे स्टेशन पर वीआईपी गेस्ट हाउस में भी अतुल का जोरदार स्वागत हुआ। राजनीति से जुड़े लोग और अधिकारी भी अतुल का स्वागत करने पहुंचे। इस दौरान रेलवे स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्य शिवकुमार सिंह कौशिकेय, विजय कुमार गुप्ता, विनय कुमार, डीसीआई राजेन्द्र प्रसाद, डीसी अनिल पासवान, वाणिज्य निरीक्षक अशोक कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर लल्लन चौधरी, गुड्डू सिंह आदि ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। बांसडीह में नेता प्रतिपक्ष के पुत्र रंजीत चौधरी, भाजपा नेत्री केतकी सिंह, राणा प्रताप यादव दाढ़ी, अतुल सिंह, पूर्व विधायक शिवशंकर चौहान, रमेश वर्मा आदि ने भी अतुल का माला पहनाकर स्वागत किया।
UPSC की परीक्षा में हासिल किया 414वां रैंक- अतुल मौर्य डुमरिया गांव के निवासी है। उनके पिता का नाम कुबेरनात वर्मा है, जो रिटायर्ड शिक्षक हैं। अतुल ने आदर्श शिशु निकेतन डुमरिया से प्राथमिक शिक्षा हासिल की है। उन्होंने छटवीं से लेकर दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई नागाजी सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से पूरी करने के बाद रानी लक्ष्मीबाई इंटर कालेज लखनऊ से 12वीं पास किया।
अतुल वर्तमान में नोएडा पावर ग्रिड में बतौर सीनियर मैनेजर कार्यरत हैं। इन्होंने यूपीएससी-2020 की परीक्षा 414वां रैंक हासिल की थी। अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिजनों व शुभचिंतकों को देते हुए अतुल ने कहा कि जिले में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। धैर्य के साथ परिश्रम करने की बजाय युवा जल्द सफल होने की ललक में शार्टकट का सहारा लेने लग रहे हैं। यह उचित नहीं है। सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। लक्ष्य निर्धारित कर पूरी ईमानदारी से धैर्य के साथ तैयारी करें, सफलता निश्चित मिलेगी।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


