बलिया। भोजपुरी के पारंपरिक लोकगीतों को आम जनमानस, खासकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने में खास भूमिका निभा रहीं युवा लोक गायिका अनुभा राय को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार-2019 से नवाजा गया है। नयी दिल्ली में बुधवार को केन्द्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अनुभा को प्रशस्ति पत्र दिया। उनके साथ संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा भी थीं।
बता दें संगीत नाटक अकादमी की ओर से कला जगत में दिया जाने वाला यह सर्वोच्च युवा पुरस्कार है। कोविड के कारण यह पुरस्कार पिछले 3 साल से लंबित था। इस साल सत्र 2019, 20 और 21 के लिए विभिन्न प्रदेशों के 102 युवा कलाकारों का चयन पुरस्कार के लिए हुआ था।
मूल रूप से बलिया के रूद्रवार निवासी अनुभा अपने परिवार के साथ फिलहाल शहर के ही बहादुरपुर में रहती हैं। भोजपुरी में बढ़ती अश्लीलता और द्विअर्थी गीतों के बीच अनुभा ने पारम्परिक गीतों के साथ लोक विधाओं को अपने गीतों के माध्यम से सींचा। विभिन्न मंचों व सोशल प्लेटफार्म पर उनकी मुहिम लगातार जारी है।
अनुभा की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर से हुई। चौथी कक्षा में ही संगीत आचार्य गोपाल ने उनकी गायन प्रतिभा को पहचाना और उनको संगीत क्षेत्र में बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अपनी बेटी की प्रतिभा निखारने में अधिवक्ता पिता अजय राय और मां आभा राय ने हर मोड़ पर मजबूती से साथ दिया।
अनुभा ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा अरविंद उपाध्याय के सानिध्य में हासिल की। साथ ही प्रयाग संगीत समिति से प्रभाकर की डिग्री ली। बाद में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (वाराणसी) से स्नातक और इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (प्रयागराज ) से परास्नातक किया।
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