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बलिया के विद्युत विभाग का कारनामा, स्कूल परिसर में लगा दिया ट्रांसफार्मर, अब हटाने को नहीं तैयार
बलिया में विद्युत एवं शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक प्राइमरी स्कूल परिसर में लगे ट्रांसफार्मर को हटाने की कई सालों से अपील की जा रही है।
लेकिन बच्चों की जान के लिए ख़तरा बन चुके इस ट्रांसफार्मर को अभी तक हटाया नहीं गया है। ये ट्रांसफार्मर थाना बांसडीह रोड के सोनवली गांव स्थित एक प्राइमरी स्कूल के परिसर में लगा है, जिसे हटाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। यहां के प्रधानाध्यापक विद्युत विभाग के अधिकारियों से ट्रांसफार्मर को हटाने की कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उनकी गुहार को अनसुना कर दिया गया। विद्युत विभाग के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इस मामले को लेकर आंख मूंद रखी हैं।
ट्रांसफार्मर से स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को खतरा बना हुआ है। इसके पास से बच्चों के आने-जाने से हमेशा खतरा बना रहता है। बरसात के दिनों में करंट की आशंका बनी रहती है। जिसे लेकर शिक्षक चिंतित है। बताया जा रहा है कि 2011 में स्कूल के एक बच्चे को इस ट्रांसफार्मर से करेंट लग चुका है। जिसके बाद से ही ट्रांसफार्मर को हटाने की मांग की जा रही है। 2011 में ही स्कूल के प्रधानाध्यापक ने विद्युत विभाग से ट्रांसफार्मर को परिसर से हटाने की गुहार लगाई थी।
इस गुहार पर विद्युत विभाग के अधिकारी स्कूल परिसर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को हटाने का पूरा ख़र्च बता कर चले गए। जिसके बाद प्रधानाध्यापक ने शिक्षा विभाग से खर्च की आपूर्ति की अपील की थी। लेकिन शिक्षा विभाग ने महज़ आश्वासन देकर मामले को टाल दिया। अब एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ट्रांसफार्मर को हटाए जाने की मांग ने ज़ोर पकड़ा है। समाजसेवी रोहित वर्मा ने ट्विटर पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से ट्रांसफार्मर को हटवाने का अनुरोध किया है।
@ptshrikant मंत्री जी आपसे अनुरोध करते है इस प्राथमिक विद्यालय से ट्रांसफर्म को हटावाने का कास्ट करे।ट्रांसफर्म के वजह से बहुत बार बचो को लाइट लग गया है।। ग्राम सोनवली,पोस्ट सहतवार ,थाना बाँसडीह रोड ,जिला बलिया पिन कोड 277211 (उत्तार प्रदेश ) pic.twitter.com/ul5IMQjoZj
— Rohit Varma (@RohitVa48098375) June 1, 2020
उन्होंने अपने ट्वीट में ही ऊर्जा मंत्री को बताया है कि इससे कई बार बच्चों को करेंट लगा चुका है। लेकिन उनके इस ट्वीट का मंत्री जी की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। रोहित वर्मा ट्रांसफार्मर को हटवाने की कोशिश सिर्फ ट्विटर पर ही नहीं बल्कि ज़मीन पर भी कर रहे हैं। इसके लिए वो विद्युत विभाग से लेकर शिक्षा विभाग के दफ़्तर तक के चक्कर काट रहे हैं।
लेकिन उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद ट्रांसफार्मर को अभी तक हटाया नहीं गया है। जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। विद्युत और शिक्षा विभाग की लापरवाही को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि उन्हें बच्चों कि परवाह नहीं।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


