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बलिया की बेटी ने प्रदेश स्तर पर नाम रोशन किया, सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में पाई सफलता

बलिया की 13 वर्षीय बेटी ने उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। बलिया निवासी अंशिका केसरी ने सैनिक स्कूल में दाख़िले के लिए आयोजित ऑल इंडिया लेवल पर हुई परीक्षा को पास किया है। इस परीक्षा में देशभर से केवल 11 लड़कियाँ ही उत्तीर्ण हुई हैं। इसमें उत्तर प्रदेश की 2 बेटियाँ शामिल हैं। बाकी लड़कियाँ कर्नाटक, बिहार, आंध्रप्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और हरियाणा की है।

बता दें कि अंशिका शिक्षा क्षेत्र सोहांव के अंतर्गत आने वाले पिपरा कला गाँव की रहने वाली हैं। वंशिका के पिता एक किराना दुकान चलाते हैं। पिता गोपाल जी केसरी ने बताया कि हमारी बेटी ने यह जो सफलता हासिल की है उसमें उसकी पढ़ाई के प्रति लगन और उसकी माँ की यह इच्छा थी जो अब इस दुनिया में नहीं रही। पूरे परिवार मे बीते 31 अगस्त की शाम से ही मातम का माहौल था, लेकिन आज बिटिया की इस सफलता ने इस मातम को खुशी में बदल दिया।

इसके साथ पिता गोपाल केसरी ने यह भी बताया कि हमारे दो बच्चे हैं जिसमें एक बेटी और एक बेटा है बेटा हमारा छोटा है और हमारी बेटी बड़ी है। आज तक हमने बेटी और बेटा में अंतर नहीं समझा है और यह दोनों जिस भी फील्ड में पढ़ाई करना चाहते हैं मैं सपोर्ट करुंगा। अंशिका से जब उसकी शिक्षा को लेकर के बात किया गया तो अंशिका ने बताया कि हमारी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल में शुरू हुई। उसके बाद पांचवी तक देवस्थली मे शिक्षा ग्रहण किया, साथ ही बलिया जिले के गुप्ता कोचिंग में 1 साल तक विभिन्न स्कूलों में प्रवेश के लिए तैयारी की।

अंशिका ने बताया कि हमने एक साथ 3 स्कूलों में प्रवेश के लिए परीक्षा दिया था जिसमें मैंने तीनों में परीक्षा क्वालीफाई कर लिया है। अंशिका ने बताया कि हमारे लिए तीनों विद्यालयों के दरवाजे खुले हैं विद्याज्ञान जो पूरे उत्तर प्रदेश में एक है, दूसरा वनस्थली विश्वविद्यालय जो जयपुर में है और तीसरा है सैनिक स्कूल। हमने आगे की पढ़ाई के लिए इन तीनों विद्यालयों में से सैनिक विद्यालय को चुना है जिससे मैं आगे की पढ़ाई करुंगी। मेरा दाखिला सैनिक स्कूल बिलासपुर छत्तीसगढ़ के लिये कन्फर्म हो गाया है।

अंशिका जब इन बातों को बता रही थी कि तब उसके दोनों आंखों में आंसू थे और वह अपने माँ को बहुत मिस कर रही थी। अंशिका ने बताया कि हमारे पापा दुनिया के सबसे अच्छे पापा है, लेकिन हमारी माँ आज इस समय इस दुनिया में रहती तो यह हमारी खुशी और भी दोगुनी रहती। हमारी माँ हमेशा कहा करती थी कि हमारी बेटी एक दिन बड़ी अधिकारी बनेगी। आगे की पढ़ाई मै अपनी माँ की इच्छाओं को पूरा करने के लिए जी जान से मेहनत करके करूंगी।

Rashi Srivastav

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