बलिया
गुजरात से बलिया आ रही महिला को जब ट्रेन का टिकट खरीदने के लिए गिरवी रखना पड़ा मंगलसूत्र
बलिया. प्रवासियों को प्रदेश लाने की सरकारी कवायद को उस समय शर्मसार होना पड़ा, जब दो बच्चे की मां ने बलिया खबर से अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि उसको रेलवे टिकट खरीदने के लिए गुजराट राजकोट स्थित मकान मालिक के पास मंगलसूत्र गिरवी रखना पड़ा.
संगीता अपने पति और दो बच्चों के साथ शनिवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से बलिया पहुंची, यहां से सबको जालौन जाना है. बताया कि बच्चों तक का टिकट माफी नहीं किया गया और आधा टिकट का दाम देना पड़ा, इस प्रकार राजकोट से बलिया पहुंचने के लिए रेलवे टिकट के एवज में तीन टिकट का कुल 2175 रुपये भुगतान करना पड़ा.
उप्र के जालौन निवासी संगीता अपने अपने पति हरदास व दो बच्चे निशा और राजू के साथ गुजरात के राजकोट मेटौड़ा में किराए के मकान में रहती है. यहां उसका पति हरदास एक स्टील प्लांट में काम करके परिवार का गुजरबसर करता है. बीते 25 मार्च से लॉक डाउन के बाद पूरा परिवार किराए के मकान में ही कैद हो गया था. कंपनी से अप्रैल महीने की तंख्वाह मिली तो घर खर्च में ही निकल गया और कुछ पैसा दूसरे के यहां उधार था, जिसे चुकाना पड़ा.
मई महीने में कंपनी ने तंख्वाह नहीं दी, ऐसे में पूरा हाथ खाली हो गया था. ऐसे में ससुराल लौट आना संगीता के लिए मजबूरी थी. पति से चर्चा करने के बाद दोनों ने मकान मालिक के पास जाकर अपनी मजबूरी बताई, चूंकि रूम छोड़ने के बात थी, लिहाजा मकान मालिक भी इसी तरह पैसा देने के लिए राजी नहीं हुए, जिसके बाद संगीता ने अपना मंगलसूत्र उनके पास छह हजार रुपए में गिरवी रख दिया.
पैसा मिलने के बाद पहले पुलिस चौकी गए, जहां सबका रजिस्ट्रेशन कराया गया, फिर 725 रुपये के हिसाब से पति, पत्नी व दो बच्चे का आधा-आधा टिकट कुल 2175 रुपये का भुगतान करना पड़ा. बाकी पैसा साथ लेकर आए हैं, यहां से ससुराल जालौन जाएंगे तब जाकर राहत की सांस लेंगे.
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


