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बलिया- आशियाने की आस में कटान पीड़ित, एक महीने का वादा एक हज़ार दिन में अधूरा

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बलिया। बैरिया में कटान पीड़ित आशियाने की आस में बेबस और लाचार हो गए हैं। आए दिन सांप काटने, दुर्घटना होने से उनकी जान जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन संवेदनशीलता नहीं दिखा पा रहा है।जबकि 5 जुलाई यानि कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा को एक हजार दिन पूरे हो चुके हैं। लेकिन अब तक प्रशासन दुबे छपरा, केहरपुर और गोपालपुर के 252 कटान पीड़ित परिवारों को जमीन देकर बसाने का काम नहीं कर पाया है।

एक महीने का वादा एक हज़ार दिन में अधूरा- बता दें सितंबर 2019 से गंगा के कटान से विस्थापित होकर 252 परिवार राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के पटरियों पर झुग्गी झोपड़ी लगाकर शरण लिए हुए हैं। 17 सितंबर 2019 को मुख्यमंत्री ने दयाछपरा में कटान क्षेत्र के दौरे के बाद घोषणा की थी कि एक महीने के भीतर कटान पीड़ितों को जमीन देकर सुरक्षित स्थान पर उनके गांव के करीब बसा दिया जाएगा। आज तक मुख्यमंत्री की घोषणा परवान नहीं चढ़ सकी।

तहसील प्रशासन कटान पीड़ितों के मूल गांव से करीब सात किलोमीटर दूर मानसिंह छपरा ग्राम पंचायत में अवस्थित ग्राम सभा की जमीन पर कटान पीड़ितों को बसाने की योजना बना रहा है। लेकिन पूरा मानसिंह छपरा गांव सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अपने गांव में कटान पीड़ितों को नहीं बसने देने की घोषणा की है। दूसरी तरफ ग्राम समाज की पर्याप्त जमीन ग्राम सभा दया छपरा और ग्राम सभा बलिहार में उपलब्ध है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार बलिहार में खाता संख्या 00 323 में करीब 3 एकड़ जमीन ग्राम समाज की है। और दया छपरा में खाता संख्या 00908 में 9 एकड़ जमीन ग्राम सभा की है। बावजूद इन ग्राम सभा की जमीनों पर बसाने की योजना तहसील प्रशासन नहीं बना रहा है।

वहीं 2012 में तत्कालीन प्रमुख सचिव राजस्व किशन सिंह अटोरिया ने राजाज्ञा जारी किया था कि अगर ग्राम सभा की जमीन उपलब्ध नहीं हो तो निकटवर्ती इलाके में निजी भूमि क्रय कर उस पर कटान पीड़ितों को बसाया जाएगा। अब कब तक कटान पीड़ित बसाए जाएंगे यह तो भविष्य बताएगा, लेकिन तहसील प्रशासन कटान पीड़ितों को बसाने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है। जबकि बैरिया तहसीलदार शैलेंद्र कुमार का कहना है कि जहां ग्राम समाज की भूमि उपलब्ध होगी वहां कटान पीड़ितों को बसाया जाएगा। इसमें कहीं से तहसील प्रशासन का कोई पूर्वाग्रह नहीं है। तहसील प्रशासन कटान पीड़ितों को बसाने के लिए पूरी तरह से संवेदनशील है।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!

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बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,

छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।

योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।

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