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बलियाः खेत की रखवाली करने गए दो भाईयों पर फायरिंग, एक घायल
बलियाः ठेकहां गांव में दो भाईयों पर फायरिंग का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों भाई खेत की रखवाली करने के लिए खेत में सो रहे थे। इसी बीच बदमाशों ने हमला कर दिया।
घटना में एक भाई को मुंह में गोली लग गई, जबकि दूसरा भाई बमुश्किल बचा। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। बैरिया पुलिस जांच में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक बैरिया थाना क्षेत्र के ठेकहा गांव निवासी अमित कुमार राम (18) पुत्र संतोष राम की घर के पास ही सब्जी की खेत है। अमित फसल की रखवाली के लिए प्रतिदिन खेत में ही सोता है। अमित का फुफेरा भाई दुबहड़ गांव निवासी अभिषेक राम (19) रविवार को नानीघर आया था। रात में वो भी अमित के साथ खेत में ही सोने चला गया।
इसी बीच रात में कुछ अज्ञात बदमाश सीधे खेत में पहुंचे और दोनों भाईयों पर फायरिंग कर दी। अभिषेक के मुंह पर गोली लगी। अमित बाल-बाल बचा। गोलियों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने अभिषेक को सोनबरसा अस्पताल पहुंचाया। जहां गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि किसी नागरिक द्वारा मुझे सूचना प्राप्त हुई है। मौके पर पुलिस गई है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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