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मिशन शक्ति के तहत अपराधियों को उम्रकैद की सजा दिलाने में अव्वल है बलिया, DM अदिति सिंह ने ज़ाहिर की ख़ुशी

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बलिया डेस्क : महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार द्वारा शुरु किए गए मिशन शक्ति अभियान की बलिया की ज़िलाधिकारी अदिति सिंह ने तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत बलिया और हापुड़ में अपराधियों के ख़िलाफ़ जिस तेज़ी से कार्रवाई की गई उसे देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई है।

दरअसल, आजतक की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि मिशन शक्ति अभियान के तहत अक्टूबर 2020 से लेकर मार्च 2021 तक प्रदेश में महिलाओं के साथ अपराध को अंजाम देने वाले 3,440 अपराधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है।  रिपोर्ट में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के हवाले से बताया गया है कि मिशन शक्ति अभि‍यान के दौरान दिनांक 17 अक्तूबर 2020 से 3 मार्च 2021 तक प्रदेश में 7 अपराधियों को फांसी की सज़ा भी दी गई है।

इसके अलावा महिला एवं बाल अपराध के 435 अपराधियों को आजीवन कारावास, 394 अपराधियों को 10 साल से ज़्यादा की सज़ा, 1,108 अपराधियों को 10 साल से कम कारावास तो कराया ही गया, साथ ही शोहदे और गुंडे किस्म के 1,503 अपराधियों को जिलाबदर भी कराया जा चुका है।

इस तरह मिशन शक्त‍ि अभियान के 138 दिनों के दौरान कुल 3,440 अपराधि‍यों पर कार्रवाई हुई है। आंकड़ों को दिन के हिसाब से देखा जाए तो औसतन रोज़ 25 अपराधि‍यों पर कार्रवाई हुई और हर 19वें दिन एक अपराधी को फांसी की सजा दिलाई गई है।

बाल एवं महिला अपराध के अपराधियों को आजीवन कारावास कराने में बलिया प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जहां 32 अपराधियों को सज़ा कराई गई। वहीं हापुड़ उत्तर प्रदेश के उन ज़िलों में शामिल रहा जहां इस अभियान के तहत अपराधी को फांसी की सज़ा दी गई।
बलिया और हापुड़ की इसी उप्लब्धी पर अदिति सिंह ने ट्वीट कर खुशी ज़ाहिर की।

उन्होंने लिखा, “मुझे ये देखकर ख़ुशी हो रही है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले अपराधियों को मृत्युदंड और आजीवन कारावास की सज़ा सुनाने के मामले में बलिया और हापुड़ प्रदेश में टॉप पर हैं। दोनों ही ज़िलों में अक्टूबर से लेकर मार्च तक में जिला प्रशासन, पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका के सक्रिय प्रयासों के ज़रिए अपराधियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की गई”।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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