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बलिया में आज से चालू होगी ट्रेन, सभी श्रेणी के कोचों में आरक्षण अनिवार्य
बलिया डेस्क. रेलवे आम नागरिकों के लिए एक जून से 200 यात्री ट्रेनों का परिचालन करेगा. इसके लिए 21 मई से ऑनलाइन टिकट बुकिंग तथा 22 मई से सीमित आरक्षण काउंटरों से टिकट बुकिंग चालू हो गयी है.
ट्रेनों के परिचालन के मद्देनजर पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के प्रबंधक विजय कुमार पंजियार ने प्लेटफार्म संख्या एक व यात्री निवास सहित सर्कुलेटिग एरिया का निरीक्षण किया.
इस दौरान उन्होंने श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को मिलने वाली सुविधा का हाल जाना और आवश्यक दिशा निर्देश दिए.
डीआरएम ने बताया कि एक जून से चलने वाली ट्रेनों की रेलवे ने लिस्ट जारी कर दी है. रेलवे की ओर से जारी सूची में दुरंतो, संपर्क क्रांति, जन शताब्दी और पूर्वा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के नाम हैं.
यह ट्रेनें एसी और नान एसी क्लास और जनरल कोच के साथ पूरी तरह से आरक्षित ट्रेनें होंगी, जिसमें यात्रा करने के लिए सभी श्रेणी के कोचों में आरक्षण अनिवार्य है. यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों मंडुवाडीह, गाजीपुर सिटी, बलिया, छपरा, सिवान, देवरिया, मऊ एवं आजमगढ़ के कम्प्यूटरीकृत यात्री आरक्षण केन्द्र सिगल सिफ्ट प्रात: आठ बजे से सायं चार बजे तक के लिए खोले गए हैं.
90 मिनट पहले स्टेशन पर पहुंचना होगा यात्रियों को
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का प्रवेश और निकास अलग-अलग द्वार से होगा. स्टेशनों एवं ट्रेनों में मानक शारीरिक दूरी और रक्षा, सुरक्षा और स्वच्छता प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा.
केवल कन्फर्म्ड टिकट वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी. ट्रेन पर चढ़ने के लिए सभी यात्रियों की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी और लक्षण नहीं पाए जाने वाले यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति होगी. लक्षण पाए जाने वाले यात्री को टिकट कैंसिलेशन पर पूरा रिफण्ड मिलेगा.
यात्रियों को कम से कम 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा. सभी यात्रियों को यात्रा के दौरान फेस कवर,मास्क पहनना होगा, साथ ही स्टेशन और ट्रेनों के अंदर भी समाजिक दूरी का पालन करना होगा.
अपने गंतव्य पर पहुंचने पर यात्रियों को राज्यों द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य प्रोटोकाल का पालन करना होगा. ट्रेन के भीतर कोई लिनेन, कंबल और पर्दे उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे, वे अपना लिनेन, भोजन और पानी साथ लेकर यात्रा करें. अग्रिम आरक्षण की अवधि अधिकतम 30 दिनों की होगी तथा मौजूदा नियमों के अनुसार आरएसी और प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी. आरएसी एवं प्रतीक्षा सूची के टिकट धारकों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं होगी.
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।



