बलिया स्पेशल
बलिया- खबर से घबराए थानाध्यक्ष ने तीन पत्रकारों के ख़िलाफ़ दर्ज कराया फर्जी मुकदमा !
बलिया डेस्क : बलिया में पत्रकार द्वारा खबर छापने पर नाराज जिले के एक थानाध्यक्ष ने तीन पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामला बांसडीहरोड थाने का है जहाँ खबर छपने से के थानाध्यक्ष आरएस नागर इस कदर नाराज हो गए कि 20 दिनों के अंदर तीन पत्रकारों के खिलाफ दो-दो बार 107/16 की कार्रवाई कर दी।
जिन तीनों पत्रकार पर मामला दर्ज हुआ है वे एक ही परिवार के है। पिता श्याम प्रकाश शर्मा जहां बलिया के प्रतिष्ठित अखबार के बांसडीहरोड संवाददाता है। वहीं उनके दो पुत्र भरत शर्मा उर्फ मृत्युंजय व शुभाशिष लखनऊ में रहकर पत्रकारिता का काम करते हैं। थानाध्यक्ष जिस मामले में उपरोक्त तीनों पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की हैं, उसमें से दोनों यानी भरत व शुभाशिष उस दिन लखनऊ में ही थे। ऐसे में साफ है कि थानाध्यक्ष खुन्नस में यह कार्रवाई की है, लेकिन उनकी यह कार्रवाई उन्हीं पर कितना भारी पड़ेगा शायद इस बात का अंदाजा थानाध्यक्ष को नहीं है।
खैर फिलहार पत्रकार श्याम प्रकाश शर्मा ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि एसपी डा. विपिन टाडा मामले को कितना गंभीरता से लेते हैं। बलिया खबर से बात करते हुए श्याम प्रकाश शर्मा ने बताया की वह एक प्रतिष्ठित अखबार में बांसडीहरोड संवाददाता के रूप में कार्य करते हैं। बीते दिनों उन्होंने असलहे के बल पर खोल ले गए भैंस, पशुपालक ने लगाई न्याय की गुहार व लगातार चोरी आदि तमाम खबरों को प्रकाशित किया था। इसबीच बीते दिनों श्याम प्रकाश शर्मा और उनके भाई के बीच पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया, जिसमें पत्रकार श्याम जी द्वारा बांसडीहरोड थाना में तहरीर दी गई थी कि उनके भाई तथा उनके भतीजे द्वारा उनके मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
नियमत:पुलिस को उपरोक्त आरोपी के खिलाफ मुकदमा कायम करना चाहिए था। लेकिन बांसडीहरोड थानाध्यक्ष को निकालना था खुन्नस, लिहाजा उन्होंने पत्रकार श्याम के साथ-साथ उनके पुत्रगण जो लखनऊ में रहकर पत्रकारिता करते हैं भरत व शुभाशिष के खिलाफ भी १०७/१६ की कार्रवाई कर दी। इतना ही नहीं थानाध्यक्ष ने बीते 20 दिनों के अंदर दो-दो बार उपरोक्त कार्रवाई की है।
अब देखना यह है कि पत्रकार की शिकायत को एसपी डा. विपिन टाडा कितना गंभीरता से लेते हैं। वहीँ इस पुरे मामले पर पुलिस अधीक्षक डा. विपिन टाडा का कहना है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष हो या पत्रकार कानून सबके लिए बराबर है।











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बलिया के एकलौते बसपा विधायक पर क्यों बैठी विजलेंस जांच ?

बसपा के रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह की मुश्किलें बढ़ गई है। विजलेंस विभाग ने उनकी और उनके परिवार की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। उमाशंकर सिंह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं क्योंकि विभाग ने विधायक ही नहीं उनकी पत्नी, बेटा और बेटी के नाम खरीदी गईं जमीन, मकान, फ्लैट, व्यवसायिक और कृषि जमीन की पूरी जानकारी मांगी है।
वैसे सबको पता है नेता जी लोगों की आय से अधिक संपत्ति तो होती ही है। पुरानी स्क्रिप्ट है। लेकिन जब तक कोई नेता सत्ता के करीब होता है, तब तक उसकी संपत्ति पर कोई सवाल नहीं उठता। मगर विपक्ष पर यह कभी भी हो सकता है। उमाशंकर सिंह का मामला भी कुछ ऐसा ही लगता है। बसपा के इस इकलौते विधायक के खिलाफ अचानक जांच शुरू हो गई है। महानिरीक्षक प्रयागराज ने सभी उप निबंधन कार्यालय को निर्देशित किया है कि उमाशंकर सिंह, उनकी पत्नी पुष्पा सिंह, बेटी यामिनी व बेटे युकेश के नाम से प्रदेश में खरीदी गई जमीन, मकान, फ्लैट या अन्य प्रकार की संपत्तियों की जानकारी विजलेंस विभाग को उपलब्ध कराए।
उमाशंकर सिंह की बसपा के इकलौते विधायक हैं। 2022 में विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। जब पूरे यूपी में बसपा का सूपड़ा साफ हो गया, तब भी वह अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। बीते दिनों मायावती काफी मुखर है लेकिन क्या अब इसका खामियाजा उमाशंकर सिंह को भुगतना पड़ रहा है?
बसपा का हाल किसी से छिपा नहीं है। मायावती पार्टी को चुनावी मोड में कम, ‘मैनेजमेंट मोड’ में ज्यादा चला रही हैं। यूपी में अब बसपा केवल ‘बीजेपी की B-Team’ कहकर बदनाम हो रही है। लेकिन ऐसे में उमाशंकर सिंह के खिलाफ कार्रवाई को सिर्फ व्यक्तिगत मामला मान लेना भी सही नहीं होगा।
सवाल यह भी है कि आखिर राजनीति में आने के बाद कुछ नेताओं की संपत्ति मॉल्टीप्लाई मोड में कैसे चली जाती है? 2009 में जब उमाशंकर सिंह ने कंस्ट्रक्शन कंपनी खोली थी, तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि कुछ सालों में उनकी संपत्तियों की लिस्ट इतनी लंबी हो जाएगी कि सरकार को उसकी जांच करवानी पड़ेगी।
अगर कोई आम आदमी बिना पक्के दस्तावेजों के 5 लाख रुपये की जमीन भी खरीद ले, तो टैक्स विभाग और पुलिस उसके पीछे पड़ जाते हैं। मगर विधायक, सांसद, मंत्री खुलेआम करोड़ों की संपत्ति बना लेते हैं, और हमें लगता है कि यह सब “मेहनत” की कमाई है!
फ़िलहाल सूचना यह है कि उमाशंकर सिंह की तबियत खराब है। वह बीमार चल रहे हैं। लेकिन विजलेंस ने भी अपना काम शुरू कर दिया है
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बलिया में ATM कार्ड के जरिए फ्राड करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, Encounter के बाद 4 गिरफ्तार

बलिया के हल्दी में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बिहार के चार अपराधियों को गिरफ्तार कर एटीएम कार्ड से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लग से एक आरोपी घायल हो गया।
अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर ने संवाददाताओं को बताया कि बुधवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि हृदयाचक तिराहा से पीपा पुल की ओर जाने वाली सड़क पर एक कार में कुछ संदिग्ध लोग आ रहे हैं।
शंकर ने कहा, ‘‘पीछा किए जाने पर अपराधियों में से एक ने पुलिस दल पर गोली चला दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने सभी चार संदिग्धों को काबू कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘गोली लगने से घायल हुए बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के निवासी बच्चा लाल महतो (27) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य तीन की पहचान साहेब कुमार महतो (32), मदन महतो (37) और लाल बाबू महतो (38) के रूप में हुई है। ये सभी बिहार के हैं।’’
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देसी पिस्तौल (.315 बोर), दो कारतूस, दो खाली खोल, विभिन्न बैंकों के 63 एटीएम कार्ड, एक कार और 5,200 रुपये भी जब्त किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने एटीएम कार्ड धोखाधड़ी में संलिप्त एक गिरोह का हिस्सा होने की बात कबूल की। वे सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाकर उनका एटीएम कार्ड बदल लेते थे और फिर उनके रुपये निकाल लेते थे या अंतरित कर लेते थे। चोरी की रकम गिरोह के सदस्यों के बीच बांटी जाती थी।’’
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि उन्होंने बलिया और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ दिल्ली में भी कई लोगों को ठगा है।
पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि बलिया, दिल्ली और अन्य स्थानों पर तीनों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और देश के विभिन्न हिस्सों में उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
बलिया स्पेशल
Ballia- बेलथरा रोड के सामाजिक कार्यकर्ता खालिद ज़हीर का निधन

बेलथरा रोड डेस्क : बलिया जिले के बेलथरा रोड से एक बुरी खबर सामने आई है। नगर पंचायत के सामाजिक कार्यकर्ता रहे खालिद ज़हीर का वाराणसी में अचानक निधन हो गया। बताया जा रहा है कि गिरने की वजह से उनको सर में गहरी चोट लग गई जिसके बाद परिजन अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान ही डाक्टरों ने उन्हे मृत्यु घोषित कर दिया। सोमवार की रात करीब 12 बजे वह इस दुनिया को छोड़कर चले गए. उनकी उम्र लगभग 58 साल थी.
सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ साथ कई बार नगर पंचायत का चुनाव भी लड़ चुके थे । हर मुद्दे पर पर वो मुखर होकर अपनी बात रखते थे। सभी समुदाय में अच्छी पकड़ रखते थे। उनकी मौत की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
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