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शिक्षक भर्ती घोटाला – एक ही पैन नंबर पर बलिया में इतने शिक्षक ले रहे सैलरी

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बलिया डेस्क :  सूबे में अनियमित एवं नियम विरुद्ध तरीके से बेसिक शिक्षा महकमे में फर्जी रूप से नियुक्त शिक्षकों के मामले में नया खुलासा हुआ है । सूबे में 192 ऐसे प्रकरण मिले हैं , जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दो अलग अलग इंट्री विभिन्न जनपदों की फ़ाइल में सम्मिलित है , परन्तु खाता संख्या भिन्न है । इसी तरह 24 प्रकरण ऐसे हैं , जिसमें एक ही बैंक खाता नम्बर दो भिन्न शिक्षकों के सम्मुख अंकित है ।

पत्र को लेकर मचा हड़कंप

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा के एक पत्र को लेकर बेसिक शिक्षा महकमा में हड़कंप मचा हुआ है । महानिदेशक ने गत 26 जून को सूबे के बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक पत्र प्रेषित किया है । महानिदेशक ने अपने पत्र में जानकारी दी है कि प्रदेश शासन द्वारा फर्जी शिक्षकों के सम्बंध में जिला स्तरीय समिति के स्तर से जांच गतिमान है । इसके अलावा एस आई टी द्वारा भी जांच की जा रही है । विभाग द्वारा मानव सम्पदा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की सेवा सम्बन्धी विवरण व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है ।

महानिदेशक विजय किरन आनन्द द्वारा प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि माह मई 2020 के वेतन भुगतान के परीक्षण से सूबे में 192 ऐसे प्रकरण संज्ञान में आया है, जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दो अलग अलग इंट्री विभिन्न जनपदों की फ़ाइल में सम्मिलित है, परन्तु खाता संख्या भिन्न है । इसी तरह 24 प्रकरण ऐसे हैं, जिसमें एक ही बैंक खाता नम्बर दो भिन्न शिक्षकों के सम्मुख अंकित है । महानिदेशक आनन्द ने तत्काल सत्यापन कर दो दिन में आख्या तलब किया है ।

कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवनारायण सिंह ने गत 27 जून को जिले के समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि महानिदेशक की सूची में जनपद के 11 शिक्षकों का नाम है । उन्होंने 11 शिक्षकों के शैक्षिक, प्रशिक्षण, जाति, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व पैन कार्ड के साथ सेवा पुस्तिका व सम्बंधित पत्रावली सहित उनके कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है ।

इन लोगों का नाम शामिल

सूची में शिक्षा क्षेत्र रेवती की गर्ल्स अपर प्राइमरी स्कूल सहतवार की एकता सिंह, नगरा अपर प्राइमरी स्कूल के अब्दुल भरसारी स्कूल के हमीद अंसारी, चिलकहर के प्राथमिक विद्यालय वसंत पांडे के पूरा के रमाकांत यादव, गढ़वाल ब्लॉक के 3 शिक्षक उच्च प्राथमिक विद्यालय इक्वारी के हरिहर प्रसाद यादव, प्राथमिक विद्यालय कोपवा बहादुरपुर के गौतम गुप्ता तथा प्राथमिक विद्यालय सारे नंबर 1 के महात्मा यादव, सीयर के प्राथमिक विद्यालय गौरव कुशवाहा के संगीता यादव, बेलहरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय बजरहा के अजय कुमार पांडे, गरवार के प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर के गौतम गुप्ता रसड़ा के प्राथमिक विद्यालय खीरा पुलीकेसी बचन सिंह शिक्षा से दुकान के उच्च प्राथमिक विद्यालय बसंतपुर के गुलाब से शिक्षा से हनुमानगंज के प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर की श्याम दुलारी का नाम शामिल है। शासन की इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है।

रिपोर्ट- अनूप कुमार हेमकर 

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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