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बलिया -भाजपा के 19 नेताओं के निष्कासन के बाद MLA सुरेंद्र सिंह पर लटकी कार्रवाई की तलवार !
बलिया : भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के बगावती तेवर पर उनके उपर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। उधर भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव में बगावत करने वाले दल के उन्नीस नेताओं की दल की सदस्यता समाप्त करते हुए छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक करीबी भी शामिल हैं।
भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के बगावती तेवर पर उनके उपर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। दल के गोरखपुर प्रान्त के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के गतिविधियों की उन्हें जानकारी है। उन्होंने भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह की गतिविधियों की पूरी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को दे दिया है।
उन्होंने बताया कि जिला पंचायत सदस्य पद के हो रहे चुनाव में दल के जो भी नेता अथवा उनकी पत्नी दल से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं, सभी को छह साल के लिए दल से निष्कासित कर दिया गया है। दरअसल भाजपा विधायक का बगावती तेवर राजनैतिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी ने दल के बैरिया क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र सिंह के विरुद्ध अभी तक कोई कार्रवाई नही की है।
विधायक सुरेंद्र सिंह ने बगावती तेवर अपनाते हुए बैरिया क्षेत्र में दल के जिला पंचायत सदस्य पद हेतु घोषित उम्मीदवार के इतर न सिर्फ अपना उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार दिया है, बल्कि विधायक सिंह अपने उम्मीदवार के समर्थन में लगातार सभा करने के साथ ही अभियान चला रहे हैं।
चुनावी सभा में अपने कदम को उचित ठहराते हुए विधायक सिंह का कहना है कि उन्होंने आम लोगों की भावनाओं का ख्याल करते हुए यह कदम उठाया है। हालांकि भाजपा विधायक ने अपने समर्थकों के विरुद्ध हुई कार्रवाई पर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया है । उन्होंने आज न्यूस्ट्रैक से बातचीत करते हुए कहा कि वह इस मामले में कोई टिप्पणी नही करेंगे।
भाजपा विधायक सिंह इन दिनों अपने दल के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के विरुद्ध जमकर मुखर हैं। उन्होंने बलिया से सांसद मस्त पर एक व्यक्ति की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया है। हालांकि सांसद मस्त ने भाजपा विधायक के आरोप पर कहा है कि वह विधायक के पागलपन वाले बयान पर कोई टिप्पणी नही करेंगे । सांसद मस्त के निजी सचिव अमन सिंह ने आज कहा कि भाजपा विधायक की दल विरोधी गतिविधियों पर कार्रवाई दल के नेतृत्व को करना है।
उन्होंने कहा कि वह पार्टी फोरम पर अपनी बात रखेंगे । बहरहाल अब सभी की निगाहें भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की तरफ टिकी हुई है । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने दुर्जनपुर कांड में आरोपित धीरेंद्र प्रताप सिंह का खुलकर बचाव करने को लेकर दल की हो रही फजीहत के बाद भाजपा विधायक को नोटिस जारी किया था , लेकिन सिकन्दरपुर के एक कार्यक्रम में स्वतंत्र देव सिंह का एक वीडियो व फोटो वायरल हुआ था , जिसमें स्वतंत्र देव सिंह भाजपा विधायक पर फूल बरसाते दिखाई दिये । इसके बाद किसी को जानकारी नही कि पार्टी नेतृत्व ने इस मामले में क्या कदम उठाया ।
उधर भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि दल के नेतृत्व ने बलिया जिले में जिला पंचायत सदस्य पद के हो रहे चुनाव में बगावत करने वाले उन्नीस नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की है । यह नेता अथवा इनकी पत्नी दल से बगावत कर जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ रहे हैं ।
उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी दल के प्रदेश कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य नारद सिंह, सांसद रवींद्र कुशवाहा की नजदीकी सीयर की पूर्व ब्लाक प्रमुख हेमवंती यादव व अनिल सिंह, भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के करीबी भाजपा के मुरली छपरा मंडल के अध्यक्ष मंटू प्रसाद बिंद , दल के गोरक्ष प्रान्त के एन जी ओ प्रकोष्ठ के सह संयोजक पंकज पाठक की पत्नी शालिनी पाठक, मंडल महामंत्री राकेश सिंह, सेक्टर संयोजक सुशील मौर्य को दल की सभी जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए इनकी सदस्यता समाप्त कर दी गयी है तथा छह साल के लिए दल से निष्कासित कर दिया गया है ।
रिपोर्ट- अनूप कुमार हेमकर
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


