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बलियाः तमंचे के साथ पकड़ाया दुकानदार, गिरफ्तारी के विरोध में भाजपाईयों ने किया हंगामा
बलियाः बांसडीहरोड थाना क्षेत्र में पुलिस ने मोटरसाइकिल मिस्त्री को कथित तौर पर तमंचे के साथ गिरफ्तार किया तो दुकानदार व बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए जमकर हंगामा कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने दुकानदार का चालान भी कर दिया।
जानकारी के मुताबिक बांसडीहरोड बाजार में दो सिपाही पहुंचे। जहां मोटर मिस्त्री छोटे यादव की दुकान पर तमंचे के साथ गिरफ्तार किया। इसे लेकर दुकानदारों ने विरोध शुरु कर दिया। वहीं मिस्त्री ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने खुद मेरी दुकान पर कट्टा रखा और मुझे फंसा दिया।
मिस्त्री की गिरफ्तारी के बाद जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मानवेन्द्र विक्रम सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में दुकानदार थाने पर पहुंचे। दुकानदारों ने पुलिस पर राजनीति के प्रेरित होकर फंसाने का आरोप लगाया। मानवेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि दो सिपाही बाइक बनवाने मिस्त्री के पास गए थे। जब मिस्त्री ने पैसा मांगा तो तमंचे में चालान कर दिया।
इस संबंध में एसओ से काफी देर तक दुकानदारों से बातचीत हुई। पुलिस ने दुकानदार का आर्म्स एक्ट में चालान कर दिया। वहीं मानवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए वरना आंदोलन किया जाएगा। वहीं एसओ बांसडीहरोड राजकपूर सिंह ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति के पास से तमंचा बरामद हुआ है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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