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बलिया- बायोमेट्रिक अटेंडेंस से ही मिलेगी छात्रवृत्ति, जल्द नियम होगा लागू

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बलिया में छात्रवृत्ति के लिए नया नियम लागू किया जा रहा है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही छात्रों को छात्रवृत्ति मिलेगी। इस नियम को लागू करने की दिशा में शासन ने एक और कदम बढ़ाया है। बता दें शासन ने पिछले दिनों फैसला किया था कि सभी स्कूल और कॉलेज के छात्रों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने के बाद ही छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति मिल सकेगी। जिसको लेकर समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर बैठक करने को निर्देशित किया है।

दरअसल छात्रवृत्ति में हो रहे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने को लेकर दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्र-छात्राओं के बायोमेट्रिक अटेंडेंस की प्रक्रिया लागू की गई है। जारी आदेश में कहा गया है कि परिचय पत्र में 75 फीसदी या उसके ऊपर उपस्थित रहने वाले छात्र छात्राओं को शैक्षणिक भत्ता एवं शुल्क प्रतिपूर्ति सुविधा से मिल सकेगी।

वहीं टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी होने पर कार्रवाई की जाएगी। जिसके लिए विद्यालय प्रशासन को बच्चों की उपस्थिति के लिए अब बायोमेट्रिक मशीन लगाना अनिवार्य होगा। बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली की व्यवस्था शैक्षणिक सत्र साल 2022-23 से ही लागू होगी। इसको लेकर विद्यालयों में हलचल मची है। वहीं छात्र इस फैसले को संतोषजनक मान रहे हैं।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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