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बलियाः अर्धवार्षिक- वार्षिक परीक्षा के लिए समय-सारणी जारी, जानिए परीक्षा का कार्यक्रम
बलिया: कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की अर्धवार्षिक, प्री-बोर्ड व वार्षिक परीक्षाओं के लिए समय सारणी जारी की गई है। आवश्यक दिशा-निर्देश जारी आदेश में परीक्षाओं में अंको के विभाजन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि अर्धवार्षिक परीक्षा की लिखित परीक्षा का आयोजन नवंबर के तीसरे सप्ताह (15 नवंबर) तक संपन्न किया जाएगा। साथ ही जारी आदेश में अर्धवार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों को माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर अपलोड़ करना, दिसम्बर, 2021 के द्वितीय सप्ताह तक, सभी कक्षाओं में ऑनलाइन/ऑफलाइन शिक्षण कार्य पूर्ण किये जाने की तिथि 15 जनवरी तक है।
यह रहेगा टाइमटेबल– कक्षा 11वीं व 12वीं के लिए प्री-बोर्ड की प्रैक्टिकल परीक्षा का आयोजन 24 से लेकर 31 जनवरी तक किया जाएगा। वहीं प्री-बोर्ड की लिखित परीक्षा और कक्षा 9वीं-11वीं की वार्षिक परीक्षा का आयोजन फरवरी के प्रथम सप्ताह से शुरु होगा। प्री-बोर्ड परीक्षा के परिणाम फरवरी के तृतीय सप्ताह तक माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तरप्रदेश की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
कक्षा 9वीं और 10वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा, प्री बोर्ड परीक्षा में अंकों का विभाजन कुछ इस तरीके से होगा- नवबंर माह में अर्धवार्षिक परीक्षा में 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी। इस 70 अंक के पेपर में 30 प्रतिशत अंकों के यानि कि कुल 20 अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। जिसकी परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जायेगी। बाकी बचे 50 नंबर के वर्णनात्मक सवाल होंगे।
फरवरी माह में आयोजित होने वाली प्री-बोर्ड परीक्षा में 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी। इसी तरह वार्षिक परीक्षा में भी 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी। पूरे सत्र में 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन होगा। वर्षिक परीक्षा के पश्चात् कुल योग 70+70+30-170 अंक होगा।
कक्षा-11 एवं 12 की अर्धवाषिक, वार्षिक/प्री-बोर्ड परीक्षाओं में अंक विभाजन व्यवस्था पिछले वर्ष की तरह ही है। शैक्षिक सत्र 2021-22 हेतु जारी किये गये एकेडमिक कैडेन्डर के अनुसार कक्षा-9, 10, 11, 12 अर्धवार्षिक/वार्षिक/प्री-बोर्ड परीक्षायें निर्धारित समय सारणी के अनुसार सम्पादित किया जायेगा।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


