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बलियाः पीएम आवास योजना में घोटाला, कई ब्लॉकों में नहीं बने आवास, 57 सचिवों को नोटिस जारी

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बलिया में पीएम आवास योजना में जमकर धन का बंदरबांट किया गया है। लापरवाही का आलम यह है कि कई गांवों में आवासों का निर्माण शुरु तक नहीं हुआ, कहीं हुआ तो उसे अधूरा छोड़ दिया गया है। मामले में 57 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस जारी हुआ है। जिसके बाद विभागीय कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

जिले में पीएम आवास योजना का संचालन साल 2015-16 में शुरु किया गया था। इसके तहत गरीबों को आशियाने देने का प्रावधान रखा गया। साल 2016-17 में योजना धरातल पर उतरी। इसके तहत सेक यानि सामाजिक आर्थिक जातीय गणना की सूची में शामिल लाभार्थियों को आवास योजना में चिन्हित कर आवास देने की फ्रकिया शुरु हुई।

लेकिन इनमें से कुछ ही आवासों का निर्माण हो पाया। हर साल कई आवास अधूरे रह जाते हैं। बीते दो वर्षों में आवंटित आवासों के सापेक्ष नौ ब्लॉक के गांवों में 29 आवासों का निर्माण शुरू नहीं हो सका है जबकि 109 आवास अभी नींव ही डल पाई है। जब सीडीओ प्रवीण वर्मा ने आवास निर्माण की समीक्षा की तो इस बात का खुलासा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि इतनी संख्या में आवास का निर्माण नहीं होने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई।

अब इस संबंध में सीडीए ने गांवों के ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश पीडी को दिया है। डीआरडीए के परियोजना निदेशक की ओर से मामले में 9 ब्लॉकों के 57 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया है। इसे लेकर विभाग में खलबली मची है।

ब्लॉक सचिवों की संख्या गड़वार 5, नवानगर 4, सोहांव 8, दुबहड़ 8, मुरलीछपरा 4, रसड़ा 15, बांसडीह 6, नगरा 2, रेवती 5 है। बलिया डीआरडीए पीडी डीएन दुबे ने बताया कि आवासों के निर्माण की समीक्षा की जा रही है। इसके निर्माण में उदासीनता बरतने वाले 57 सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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