featured
बलिया: कोरोना की जंग में अहम भूमिका निभा रहे रोजगार सेवकों को 3 साल से नहीं मिला मानदेय
बलिया डेस्क: कोरोना वैश्विक महामारी में सरकार जहां गरीबों एवं जरूरतमंदों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित करने का कार्य कर रही है, वहीं मनरेगा के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाने वाले रोजगार सेवकों को कोई पूछने वाला नहीं है. जनपद के 17 ब्लाकों में कार्यरत 687 रोजगार सेवकों को आज तीन वर्षों से मानदेय नसीब नहीं हुआ है. इसके चलते बीते 17 मार्च को संगठन द्वारा लखनऊ में विशाल धरना प्रस्तावित था, जो कोरोना के चलते स्थगित कर दिया गया. संगठन के जिलाध्यक्ष बब्बन चौधरी ने बताया कि तीन साल से मानदेय न मिलने के कारण रोजगार सेवकों की आर्थिक स्थिति चरमरा गयी है. लॉक डाउन के दौर में उसके घर में बड़ी मुश्किल से चूल्हा जल रहा है.
मदद तो दूर, अपनी पारिश्रमिक से ही वंचित है रोजगार सेवक
कोरोना महामारी से जंग के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने गरीब, मजदूरों, किसानों, कामकाजी वर्ग, उद्योगों के लिए कई पैकेज की घोषणा की है, लेकिन मनरेगा में सविदा पर कार्यरत रोजगार सेवकों इन पैकेज का लाभ तो दूर खुदकी पारिश्रमिक तक नहीं मिल रही है.
कोरोना की जंग में निभा रहे अहम भूमिका
तीन वर्ष से मानदेय न मिलने के बावजूद कोरोना की जंग में रोजगार सेवकों का हौसला देखते ही बन रहा है. गांव-गांव में घूमकर रोजगार सेवक जहां ग्रामीणों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं, वहीं गांव की हर स्थिति-परिस्थितियों से अधिकारियों को अवगत भी करा रहे है. इतना ही नहीं जॉब कार्ड धारकों की पहचान कर उन्हें कोटेदार से निर्धारित मात्रा में राशन भी मुहैया कराने का काम कर रहे हैं. लेकिन इन रोजगार सेवकों के परिवार में ही भोजन के लाले पड़ गए हैं, पूछने वाला कोई नहीं है.
वहीँ मुख्य विकास अधिकारी बद्रीनाथ ने के मुताबिक रोजगार सेवकों के मानदेय के लिए शासन को पत्र भेजा गया है, जैसे शासन से मानदेय आएगा, रोजगार सेवकों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
featured
UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
featured
BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
-
featured2 weeks agoBHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
-
फेफना2 weeks agoमकर संक्रांति पर टोंस तट पर सजा चिंतामणि ब्रह्म का ऐतिहासिक मेला, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
-
featured2 days agoUGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
-
featured8 hours ago


