बलिया के रसड़ा में विद्युत उपकेंद्र कई वर्षों से दुर्दशा का शिकार हो रहा है। यहां रखी मशीने पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। टूटे हुए विद्युत तार और खंबों की मदद से बमुश्किल 2 दर्जन से अधिक गांवों में विद्युत सप्लाई की जा रही है।
कई बार तार ज्यादा क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और विद्युत सप्लाई रूक जाती है। इसको लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की गई लेकिन हालात जस के तस है। इस जर्जर विद्युत उपकेंद्र से खड़सरा, सुल्तानपुर, नरला, महाराजपुर के साथ चिलकहर के गावों में बिजली सप्लाई होती है।
प्रबंधक अवधेश सिंह ने बताया कि दो दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत सप्लाई करने वाला ये उपकेंद्र शासन और विभागीय उपेक्षा का शिकार है। यहां जर्जर हो चुकी विद्युत मशीनों को जल्द ही बदलना चाहिए। डॉक्टर मुकेश कुमार ने कहा कि ये काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस क्षेत्र में जर्जर तार और खंबों की वजह से कई लोगों की जान चली गई।
विद्युत व्यवस्था खराब होने के साथ ही उपकेंद्र में बुनियादी सुविधाएं नहीं है। कर्मचारियों के पानी पीने के लिए हैंडपंप तक नहीं है। संविदा पर कार्यरत लाइनमैनों को 3 माह से मानदेय नहीं मिला है। इस संबंध में समाजसेवा समर बहादुप सिंह ने बताया कि उपकेंद्र विभागीय बदहाली का शिकार होता जा रहा है। इसे सुधारने के लिए कोई सार्थक पहल नहीं हो रही, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
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