बलिया. यदि आपको भी शादी विवाह जैसे कार्यक्रम के लिये जगह की आवश्यकता है तो आप बेहिचक पुलिस परेड ग्राउंड को बुक करा सकते हैं और वह भी मात्र पांच हजार रुपये में. इतिहास में पहली बार पुलिस ने हर नियम कानून को ताक पर रखकर धरोहर पुलिस ग्राउंड को मैरिज ग्राउंड बना दिया और इसके एवज में बुक कराने वाले से सिर्फ पांच हजार ही राजस्व जमा कराये. आरटीआई की रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद एक तरफ पुलिस विभाग जहां सवालों के घेरे में है.
वहीं लोगों में भी इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अब उन्हें 50 हजार, एक लाख खर्चा कर मैरिज हाल या लॉज लेने की आवश्कता नहीं है, पुलिस विभाग को पांच हजार रुपये देकर पूरे पुलिस ग्राउंड को ही बुक करा लेंगे. वहीं इस संबंध में एएसपी का कहना है कि यह चीज पूरी तरह पुलिस महकमे के विवेक पर निर्भर है कि परेड ग्राउंड को ऐसे कार्यक्रमों के लिये देना है या नहीं.
गौरतलव हो कि 12 दिसंबर 2017 को एक वरिष्ठ नेता की भतीजी के बहुभोज का आयोजन पुलिस परेड ग्राउंड में हुआ था. इसको लेकर आरटीआई कार्यकर्ता व अधिवक्ता मनोज राय हंस ने आरटीआई मांगी थी कि क्या पुलिस ग्राउंड का इस्तेमाल किसी वैवाहिक कार्यक्रम में किया जा सकता है, अगर किया जा सकता है तो उसका चार्ज कितना है.
इस पर पुलिस मकहमा द्वारा 28 मई 2019 को सूचना उपलब्ध कराई गई कि पुलिस लाइन में अस्त्र-शस्त्र तथा गोला-बारूद का भंडारण किया जाता है, लिहाजा सूचना देय नहीं है. इस पर आरटीआई कार्यकर्ता ने राज्य सूचना आयोग से जवाब मांगा था, जिस पर राज्य सूचना आयोग न कार्रवाई करते हुए दिनांक 31 जुलाई 2019 को एएसपी संजय यादव को तलब किया था.
जिसके बाद अब दुबारा पुलिस महकमा ने आरटीआई के जवाब में कहा है कि 12 दिसंबर 2017 को प्रीतिभोज के आयोजन के लिये एक वरिष्ठ नेता को पुलिस परेड ग्राउंड उपलब्ध कराया गया था और इसके एवज में पांच हजार रुपये लिया गया था. आरटीआई में हुए इस खुलासे के बाद आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग जनपद के धरोहर के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. किसी गरीब की शादी के लिये यदि यह काम किया जाता तो कुछ हद तक क्षम्य था,
लेकिन एक अमीर व्यक्ति की भतीजी के बहुभोज के लिये इस तरह धरोहर का दुरूपयोग होना कहीं से भी न्यायोचित नहीं है. उन्होंने पुलिस विभाग से मांग किया है कि यदि एक नेता पुलिस परेड ग्राउंड को बुक करा सकते हैं तो हम लोगों के घर भी शादी-विवाह के लिये इस उपलब्ध कराया जाय.
वहीँ अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव के मुताबिक जिस वक्त पुलिस परेड ग्राउंड को निजी कार्यक्रम के लिये इस्तेमाल किया गया था, उस वक्त मैं नहीं था. मैं यह जवाब राज्य सूचना आयोग को दे चुका हूं और संबंधित को आरटीआई एक्ट के तहत सूचना भी उपलब्ध कराई गई है. रही बात शादी विवाह जैसे कार्यक्रमों के लिये पुलिस परेड ग्राउंड का बुकिंग होना तो यह सिर्फ और सिर्फ पुलिस विभाग के विवेक पर निर्भर करता है.
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