बलिया में लगातार हो रहीं रहस्यमई मौतों से हड़कंप मचा है। जहां अब श्मशान घाट की भयावह तस्वीरों ने झकझोर कर रख दिया है। और स्वास्थ्य विभाग की कमियों को उजागर कर दिया है। ये तस्वीरें कोरोना काल की याद दिला रही हैं।
जनपद में गंगा किनारे देर रात तक लाशों का जलने का सिलसिला जारी है और प्रशासन ने सिर्फ 24 घंटे का ही येलो अलर्ट जारी किया है। जिला अस्पताल में पंखा, एसी और कूलर का ढिंढोरा पीटा जा रहा है जबकि लखनऊ से आई जांच टीम का कहना है कि हीटवेव का कोई असर नहीं है अगर हीटवेव का असर होता तो बलिया में इतनी मौतें नहीं होती। 3 -5 दिन में स्थिति स्पष्ट करने का दावा किया जा रहा है।
AC कार से लखनऊ से बलिया की दूरी तय करने वाले अधिकारी हीटवेव नहीं होने का दावा कर रहे हैं। हालांकि जांच के बाद देखना होगा कि इन मौतों का कारण क्या पता चलता है। लेकिन लाश के ढेरों ने कई सवाल उठा दिए हैं। एक दिन में 10 से 12 शव का अंतिम संस्कार हो रहा है। आंकड़ा 70 से भी अधिक होने का दावा किया जा रहा है।
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