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बलिया मकर संक्रांति महोत्सव- जो एयरपोर्ट बना ही नहीं BJP मंत्री ने वहां पहुंचने का किया दावा, हुई किरकिरी
बलिया डेस्क : वैसे तो टाउन हाल बापू भवन में रविवार को आयोजित मकर संक्रांति महोत्सव में गजब का उत्साह दिखा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जहां धूम रही। वहीं सांसद, विधायक सहित अन्य नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। लेकिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय कार्य, वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ग्राम्य विकास एवं समग्र विकास विभाग मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोतीजी का न आना उपस्थित जनसमूह की गले नहीं उतर रहा है।
हालाँकि मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की सोशल मीडिया टाइम लाइन कुछ और ही कह रही है। उसके मुताबिक मंत्री खन्ना मकर संक्रांति महोत्सव में पहुचने की बजाए बलिया एयरपोर्ट पहुच गए। वैसे तो बलिया में कोई एयरपोर्ट नहीं है लेकिन मंत्री जी ने ट्वीट किया “बलिया एयरपोर्ट पर मा.मंत्री श्री मोती सिंह के साथ गुजरात के केवाडिया स्थित #StatusOfUnity को देश के विभिन्न हिस्सों से रेल सम्पर्क से जोड़ने के कार्यक्रम को देखते हुए”- हालाँकि कुछ ही घंटे बाद ये ट्वीट हटा दिया गया।
वहीँ मंत्री के बलिया न आने की वजह पूछने पर आयोजनकर्ता मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने बताया कि दोनों मंत्री का एयरक्राफ्ट गाजीपुर में किसी कारणवश उतर नहीं पाया है। लिहाजा दोनों मंत्री नहीं आ पाए। हालाँकि सवाल ये उठता है कि जब मंत्री का एयरक्राफ्ट बलिया या गाजीपुर में नहीं उतरा तो क्या मंत्री खन्ना राजधानी में बैठ ट्वीट कर रहे थे ?
वहीँ जानकारों की माने तो मकर संक्रांति के जरिये मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल अभी से वोटरो को साधने में जुट गए हैं। भले ही महोत्सव कार्यक्रम में कोई राजनीतिक मंच नहीं था, लेकिन प्रदेश के सह संगठन मंत्री भवानी सिंह भाजपा की उपलब्धियां गिनाते नहीं थक रहे थे। उनके मंच पर आते और भाषण शुरू करते ही कुछ पल के लिए मकर संक्रांति महोत्सव मानो चुनाव महोत्सव में बदल गया था।
भवानी सिंह ने कहा कि 80 करोड़ लोगों का जनधन योजना का खाता खोलवाया गया। किसान सम्मान निधि योजना, शौचालय, आवास, गैस कनेक्शन जैसी योजनाओं को धरातल पर लाकर समाज के निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाया गया। उधर मुख्य अतिथि के न आना भी लोगों के लिए खासे चर्चा का विषय बना रहा।
मानवीय संवेदना भी हुई तार-तार
कड़कड़ाती ठंड में जहां हर कोई परेशान है। वहीं महोत्सव कार्यक्रम छोटे-छोटे बच्चों को जो लिबास पहनाकर फूल वर्षा या फिर स्वागत गीत के लिए खड़ा किया गया था। उससे मानवीय संवेदनाएं तार-तार हो गई।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।



