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बलिया: कोरोना से हुई मौत छुपाई गई, हॉटस्पॉट बनाने में भी लापरवाही, केस बढ़े तो हुआ खुलासा
बलिया /वाराणसी डेस्क : एक तरफ जहाँ यूपी में कोरोना के मरीज़ लगातार बढ़ते जा रहे हैं तो दूसरी तरफ वाराणसी के डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर पर कोरोना को लेकर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं. हिन्दी दैनिक अखबार हिंदुस्तान लाइव के अनुसार डीएसओ एसएस कन्नौजिया ने कोविड की वजह से होने वाली मौत और कोविड रिपोर्ट छुपाया. वहीँ उन्होंने सैंपलिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग जैसी ज़ज़रूरी गाइडलाइन को भी नज़रअंदाज़ किया. अब इस मामले में जिलाधिकारी ने उन्हें तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है.
दरअसल डीएसओ एसएस कन्नौजिया को कोविड के पॉजिटिव और निगेटिव मरीजों के आकंडे के साथ साथ इससे होने वाली मौत, सापेक्ष सैंपलिंग कराना और नाम के साथ रिपोर्ट लेना, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराने सहित सैंपलिंग कराने को लेकर आईसीएमआर की गाइडलाइन फॉलो करने का काम सौंपा गया था. लेकिन अब सामने आया है कि कई केस में डीएसओ की रिपोर्ट और वास्तविक रिपोर्ट में अंतर है. इसके अलावा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग जैसा ज़रूरी काम भी सही ढंग से नहीं किया गया. वहीँ मीडिया प्रभारी को भी सही सूचना नहीं दी गयी.
वहीँ डीएम ने डीएसओ को जो चार्जशीट जारी की है उसमे प्रहलाद घाट के स्टूडियो संचालक की मौ’त का भी ज़िक्र किया गया है जिसमे लापरवाही का मामला सामने आया था. इस मामले में मरीज़ की तबियत 17 जुलाई को बिगड़ी थी. उसी दिन मोबाइल पर उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इसके आगे दिन उसे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद उसे हालत और बिगड़ने पर उसे बी एच यू भेज दिया गया जहाँ उसकी मौत हो गयी. लेकिन इस मामले में न तो आधिकारिक रूप से मरीज़ को पॉजिटिव बताया गया और न उनके घर वालों का टेस्ट किया गया और न ही उनके इलाके को सील किया किया गया.
और भी लगे आरोप: इसके अलावा फीडिंग का कम होना आया गया. ऐसे में वास्तविक स्थिति और शासन के पोर्टल में अंतर पाया गया. मैनुअल फीडिंग और सैंपल कलेक्शन कम हो रहा है. वहीँ हॉट स्पॉट बनाने में लापरवाही भी सामने आई है. लैब टेक्निशियन की भर्ती नहीं की गयी जिसकी ज़िम्मेदारी डीएसओ की थी. डीएसओ का काम है हर रोज़ कोविड से जुडी निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट नोडल अधिकारी को भेजना लेकिन डीएसओ ने इसमें भी लापरवाही की जिसकी वजह से नोडल अधिकारी को सही सूचना नहीं मिल पाई.
बलिया में भी खेल -बता दें कि बलिया में भी गुरुवार तक कोरोना हुई मौत का आंकड़ा नौ था. लेकिन शुक्रवार को यह अचानक से 13 हो गया. लेकिन हकीक़त यह है कि बलिया में हुई यह मौतें अलग अलग दिनों में हुई थी. ऐसे में आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि वाराणसी और बलिया में कोरोना को लेकर रिपोर्ट में खेल हो रहा है.
आकड़े छिपाए जा रहे हैं. दरअसल प्रशासन ने जो रिपोर्ट जारी की थी उसके मुताबिक, बलिया में कोरोना से हुई पहली मौत 28 जून को हुई थी. इसके बाद एक जुलाई को दूसरी मौत’ हुई. बाद इसके 11, 12 और 16 को दो दो लोगों की जान गयी और 15 को भी तीन लोगों की मौत हुई. वहीँ 20 और 21 जुलाई को भी एक एक मौत हुई लेकिन स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में गुरुवार तक मौत का आंकड़ा नौ ही रहा.
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।


