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बलिया – दम तोड़ती स्वास्थ्य सुविधाएं, इलाज नहीं मिलने से एक शख्स की मौत !
बलिया में स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ती जा रही है। और समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीज दम तोड़ रहे हैं। बता दें बांसडीह CHC के बाद मनियर CHC पर भी डॉक्टर्स नदारद रहे। ऐसे में करंट लगने के बाद एक शख्स को इलाज नहीं मिला। और CHC में ही उसने दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं फार्मासिस्ट ने मजबूरी बताते हुए मौत की पुष्टि तक नहीं की। और जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
दरअसल करंट लगने के बाद झुलसे शख्स को ग्रामीणbमनियर CHC लेकर पहुंचे थे। लेकिन मनियर CHC में डॉक्टर ही नहीं थे। जिसकी वजह से शख्स को समय पर इलाज नहीं मिला। और उसकी मौत हो गई। CHC में ही शख्स की मौत होने के बाद भी फार्मासिस्ट ने मजबूरी बताते हुए मौत की पुष्टि नहीं की। और जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
बता दें ऐसी ही कुछ हाल बांसडीह CHC में देखने को मिले हैं जहां डॉक्टर्स नदारद थे तो हादसे में घायल लोगों का इलाज सफाईकर्मी ने किया इतना ही नहीं टांके भी लगाए मामला उजागर होने के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन मनियर CHC में तो इस लापरवाही की कीमत शख्स को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। हालांकि अब देखना होगा स्वास्थ्य विभाग अब तक जागता है और कितनी सख्त कार्रवाई की जाती है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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