बलिया
बलियाः अब रसड़ा, बांसडीह व बैरिया में स्थापित होंगे हेल्थ एटीएम
बलिया के लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारा गया है, वहीं ग्रामीण इलाकों में भी लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे इसके लिए हेल्थ एटीएम लगाए जा रहे हैं।
बीते सितंबर माह में सिंकदरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जिले का पहला हेल्थ एटीएम लगाया जा चुका है। अब बैरिया, रसड़ा व बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
हेल्थ एटीएम एक मशीन होती है, जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपए होती है। इस मशीन में लगभग 15 प्रकार की जांच कराने की सुविधा मिलेगी। इसमें 16 मिनट में जांच रिपोर्ट का प्रिंट निकलेगा और ईमेल पर भेजने के साथ सिस्टम में सुरक्षित सेव होगी।
इसमें वीडियो कंसल्टिंग के जरिए मरीज चिकित्सक से सलाह भी ले सकते हैं। जांच व परामर्श के लिए फीस निर्धारित होगी जो निजी संस्थानों से काफी कम होगी। मशीन के द्वारा मरीज ब्लड ग्लूकोज, डेंगू, मलेरिया, हीमोग्लोबिन, टायफाइड, चिकुनगुनिया, एचआईवी, यूरिन टेस्ट, ईसीजी, कान व त्वचा सहित अन्य जांच करवा सकेंगे। साथ ही मरीजों का डेटा भी मशीन में रहेगा।
हेल्थ एटीएम के नोडल अधिकारी डॉक्टर अभिषेक मिश्रा का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम स्थापित होने से मरीजों को काफी सहूलियत मिलती है। इससे उन्हें भागदौड़ से निजात मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए हेल्थ एटीएम मील के पत्थर साबित होंगे। आने वाले समय में सभी स्वास्थ्य केंद्रों में हेल्थ एटीएम लगाने की योजना है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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