बलिया - लापरवाही और उपेक्षा का शिकार किसान कल्याण केन्द्र, झाड़-झंखाड़ में हुआ तब्दील
बलिया। गांव स्तर पर गरीब किसान वर्ग के उत्थान को प्रयासरत केंद्र व प्रदेश की सरकारें नए-नए नियम बनाकर उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अपने अधीनस्थ प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपकर उन्हें धरातल पर लागू करने का सख्त निर्देश देती है, पर सरकार के इन अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते कोई भी योजना धरातल पर नहीं पहुंच रही है। आलम यह है, कि ये योजनाएं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं देने के बजाए उनके परेशानी का सबब बन रही है।
ऐसा ही मामला बेलथरा रोड विधानसभा क्षेत्र के गौरीटार नगरा मे सामने आया है, जहां बना किसान कल्याण केंद्र इसका जीता जागता उदाहरण है। यहां किसानों के कल्याण के लिए बना किसान कल्याण केन्द्र शोपीस बंता नजर आ रहा हैं। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और उपेक्षा की वजह से बेलथरा रोड विधानसभा के गौरीटार नगरा में बना किसान कल्याण केंद्र सिर्फ दिखावे के लिए ही रह गया है। और झाड़ झंखाड़ से पटा पड़ा है। बता दें कि गौरीटार में 80 लाख रुपये से निर्मित किसान कल्याण केंद्र अब झाड़ झंखाड़ केंद्र में तब्दील हो चुका है।
किसानों का कहना है अधिकारियों से बार बार कहने के बाद भी सुनवाई नहीं होती। वहीं अब परेशान किसानों ने चेताया है कि यदि उक्त कल्याण केंद्र की साफ सफाई कर जल्द चालू नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस बाबत एडीओ कृषि रमाकांत राम ने कहा कि केंद्र पर किसी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं है। नगरा के इंचार्ज को ही वहां का अतिरिक्त प्रभार मिला है। नगरा में पहले से ही स्टोर है।
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