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बलिया: पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने अपनी ही सरकार को घेरा, दिया यह बड़ा बयान
बलिया। भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने ऐसा बयान दिया जिससे वह मीडिया की सुर्खियों में आ गए हैं। पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने नगरा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अपनी सरकार को घेरा और जमकर सवाल उठाए।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा देश के किसान मजदूर व व्यापारियों के टैक्सेशन से जिस अचल संपति को पूर्वजों ने बनाया था। उन संपत्तियों को उद्योगपतियों को बेचकर सरकार कह रही है कि भारत महान है, देश महाशक्ति बन रहा है। दुनिया में स्थान प्राप्त कर रहा है। यह काफी हास्यास्पद है। पूर्व विधायक यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि नौकरियां अखबारों में दी जा रही। जिले को नाम जादे और राय जादे पंगु बना दिये हैं, जिला जाम के बाद जल में फंसा हुआ है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार संपतियो को बेचने का नाम मुद्रीकरण दिया है। मतलब नाक को घुमा कर पकड़ रही है। सोमवार को वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार को एक लाख करोड़ रुपए जुटाना है। इसके लिये रेलवे स्टेशन, 256 रूट सेट, 90 यात्री गाड़ी, 4 पर्वतीय रेलवे, 15 रेलवे स्टेडियम, 1476 ओवरहेड रेलवे इंक्रिमेंट, 674 किमी फ्रेट कॉरिडोर, 741 किमी कोंकण रेलवे, 14917 बीएसएनएल टॉवर, 26 हजार किमी सड़क के रख रखाव, 2 लाख 75 हजार किमी से अधिक फाईवर लाइन का मुद्रीकरण करके 29 हजार करोड़ रुपए प्राप्त किया जाएगा। इस तरह देश की अचल संपति बेच कर 6 लाख करोड़ रुपए जुटाने की योजना को लांच की गई।
साथ ही विधायक ने कहा कि अधिकारियों ने सरकार को गलत सूचना देकर देश को शौच मुक्त घोषित करा दिया, जबकि आज भी गावों के बाहर सैकड़ों महिलाएं सड़कों को गन्दा कर रही है। कहे कि पूरा सरकारी अमला आंख बन्द कर अपने तरीके से काम कर रहा है और राजनैतिक कार्यकर्ता पंगु बन गया है। वह चट्टी चौराहों पर डिप्रेशन में गलत शब्दों का प्रयोग कर रहा है। उसको दर्द है। 2022 का चुनाव सामने है, लोगों के पास बहुत से ऐसे सवाल है जिसका जवाब चाहते है।
कहे कि अस्पताल निरीक्षण के वक्त मुख्यमंत्री के आंख में मिर्चा झोंक दिया गया , मुख्यमंत्री को सब सुंदर ही दिखा। अस्पताल सुधरने के बजाय और बिगड़ता ही जा रहा। 6 सितंबर को किसानों और अस्पताल को लेकर जिलाधिकारी को पत्रक देंगे। गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह कई मौकों पर अपनी ही सरकार को घेर चुके हैं। अब उनके इस बयान से भाजपाई सकपका गए तो विपक्षी पार्टियां भी जमकर चुटकी ले रही हैं। 

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


