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बलिया गोलीकांड: क्या आरोपी धीरेंद्र सिंह ने आत्मरक्षा में चलाई गोली?

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बलिया डेस्क : बलिया गोलीकांड में आरोपी भाजपा कार्यकर्ता धीरेंद्र सिंह को जहाँ गिरफ़्तार किए जाने की मांग की जा रही है, वहीं कुछ लोग उसके समर्थन में उतर आए हैं। समर्थन में उतरे लोगों में भाजपा विधायक सुरेन्द्र सिंह भी शामिल हैं। सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि धीरेंद्र सिंह ने गोली आत्मरक्षा में चलाई है, अगर वो गोली नहीं चलाता उसके परिवार सहित दर्जनों लोग मारे जाते।

मीडिया से बात करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि दुर्जनपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन इस मामले में प्रशासन एक तरफ़ा कार्रवाई कर इंसाफ़ का गला घोंट रहा है। इस घटना में धीरेंद्र सिंह के परिवार के लोग भी घायल हुए हैं। लेकिन उनके दर्द को कोई नहीं देख रहा। प्रशासन को चाहिए कि वो लाठी डंडे से हमला करने वाले और गोली चलाने वाले दोनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे।

घायल

सुरेंद्र सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि दुर्जनपुर में कोटे की दुकान के लाइसेंस के लिए खुली बैठक आयोजित की गई थी। इसी में कोटे का फैसला होना था। बैठक में एक पक्ष ने पूरे दस्तावेज दे दिए थे जबकि दूसरा पक्ष नहीं दे रहा था। जिसके बाद वहां पर मारपीट और भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। इस दौरान वहां लाठी-डंडे और पत्थर चलने लगे। जिसके चलते दर्जनों लोग घायल हो गए। भाजपा विधायक ने कहा कि इस दौरान लाठी डंडा चला रहे एक पक्ष के लोगों ने धीरेंद्र सिंह के पिता पर हमला कर दिया। जिसके बाद धीरेंद्र सिंह को अपने बचाव में गोली चलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि ये क्रिया की प्रतिक्रिया थी।

सुरेन्द्र सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिसने जो भी गलती की है, उसे उसकी सज़ा मिलनी चाहिए। घटना में आरोपी के परिजन भी घायल हुए हैं, उनके आरोपियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। मामले में इंसाफ़ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र ने आत्मरक्षा में गोली चलाई है। बंदूक़ का लाइसेन्स आत्मरक्षा के लिए ही दिया जाता है। वो अगर गोली नहीं चलाता तो उसके परिवार सहित दर्जनों लोग मारे जाते। उसके पास मरने और मारने के सिवा कोई विकल्प नहीं था।

बता दें कि गुरुवार को दुर्जनपुर गांव में सरकारी कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष और एसडीएम मौजूद थे। आवंटन के लिए दो समूह के लोग जमा थे। एक पक्ष का समर्थन आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह कर रहा था। प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में हंगामा हो गया। जब हंगामा बढ़ने लगा तो एसडीएम ने आवंटन की प्रक्रिया रोक दी। इसके बाद जब लोग वहां से जाने लगे तो धीरेंद्र प्रताप सिंह ने फायरिंग कर दी। गोली जयप्रकाश उर्फ गामा पाल को लगी, जिनकी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।

गोली मारने के बाद आरोपी धीरेन्द्र सिंह मौक़े से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने फ़िलहाल इस मामले में आरोपी धीरेंद्र सिंह के भाई देवेंद्र सिंह को गिरफ़्तार कर लिया है। साथ ही जिन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, उनमें से भी 4 से 5 लोग को पुलिस ने अरेस्ट किया है।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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