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बलियाः आदेश के 1 साल बाद भी नगरीय निकायों में नहीं लग सके फ्री वाईफाई
बलिया के सभी नगर निकायों में सार्वजनिक स्थानों पर नगरवासियों के लिए मुफ्त वाईफाई सेवा देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन यह आदेश हवा हवाई साबित हुए। जिले के किसी भी निकाय में फ्री वाईफाई की सुविधा नहीं हो पाई। लिहाजा पर शासन ने एक बार फिर सभी अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजकर नगरीय क्षेत्र में इस सुविधा को शुरु करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों का प्रस्ताव मांगा है।
बता दें कि शासन द्वारा सभी नगर निकाय के प्रमुख स्थानों पर फ्री वाईफाई लगाने की तैयारी थी। योजना के तहत नगर निकाय क्षेत्र के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के समीप, तहसील, प्रमुख बाजार समेत भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई की सुविधा दी जानी थी। इसके लिए करीब 1 साल पहले से आदेश जारी हुए थे।
जिनमें कहा गया था कि नगरपालिकाओं में दो स्थान और नगर पंचायतों में एक स्थान पर वाईफाई लगाए जाएंगे। लेकिन आज तक इन आदेशों का पालन नहीं है। धरातल से योजना गायब है पर कागजों में काम पूरी तरह कंपलीट है। नगर निकायों की ओर से दावा किया गया था कि निकायों में सुविधा शुरु कर दी गई है। जिम्मेदारों की लापरवाही का नतीजा है कि आदेश के 1 साल बीतने के बाद भी आज जनपद के किसी भी निकाय में मुफ्त वाईफाई की सुविधा नहीं है।
मामले को लेकर ईओ सत्यप्रकाश सिंह का कहना है कि वाईफाई की सुविधा देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द यह नगरपालिका इलाके में सुविधा शुरू कराई जाएगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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